नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मंगलवार, 16 सितंबर 2025 को सीएम ने बताया कि, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाले सभी शिक्षा ऋण अब बिल्कुल ब्याज मुक्त होंगे। यह घोषणा छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो अब बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी उच्च शिक्षा का सपना पूरा कर सकेंगे। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए दिए जाने वाले सभी शिक्षा ऋण अब पूरी तरह ब्याज मुक्त होंगे। इसका मतलब यह है कि छात्रों को अब कोई ब्याज (इंटरेस्ट) नहीं चुकाना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई का आर्थिक बोझ काफी कम हो जाएगा।
राज्य सरकार ने शिक्षा ऋण ब्याज मुक्त कर दिया
नीतीश कुमार ने अपने एक्स पोस्ट में बताया कि 2016 से चल रही इस योजना के तहत अब तक छात्रों को 4 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण दिया जाता था, जिसमें सामान्य छात्रों के लिए 4% और महिलाओं, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए 1% ब्याज लगाया जाता था। लेकिन अब राज्य सरकार ने शिक्षा ऋण को पूरी तरह से ब्याज मुक्त कर दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के अवसर प्राप्त कर सकें।
आसान हुआ ऋण वापसी का झंझट
सीएम ने यह भी बताया कि ऋण वापसी की अवधि को भी छात्रों के अनुकूल बढ़ा दिया गया है। 2 लाख रुपये तक के ऋण की वापसी अब 5 साल की बजाय 7 साल में, जबकि 2 लाख रुपये से ऊपर के ऋण की वापसी 7 साल के बजाय 10 साल में की जा सकेगी। इससे छात्रों पर आर्थिक दबाव कम होगा और वे बिना तनाव के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
क्या है स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना?
2016 में शुरू की गई बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य है राज्य के 12वीं पास छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा (ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, प्रोफेशनल कोर्सेज) के लिए आसानी से शिक्षा ऋण उपलब्ध कराना। योजना के तहत छात्र 4 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिसे पहले सामान्य छात्रों को 4% और महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर छात्रों को 1% ब्याज दर पर दिया जाता था।
अब क्या बदलाव हुआ?
ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अब इस योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले सभी शिक्षा ऋण ब्याज मुक्त होंगे। इसका मतलब छात्र सिर्फ मूलधन (प्रिंसिपल अमाउंट) वापस करेंगे, जिससे उन्हें भारी ब्याज से राहत मिलेगी।
ऋण वापसी की अवधि में वृद्धि
ऋण चुकाने की अवधि भी बढ़ा दी गई है, 2 लाख रुपये तक के ऋण की वापसी की अवधि पहले 5 साल (60 महीने) थी, जिसे अब बढ़ाकर 7 साल (84 महीने) कर दिया गया है। 2 लाख रुपये से अधिक के ऋण की वापसी की अवधि पहले 7 साल (84 महीने) थी, जिसे अब 10 साल (120 महीने) कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री का संदेश
नीतीश कुमार ने कहा, हमारा लक्ष्य है कि बिहार के ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा हासिल करें। शिक्षा के क्षेत्र में ये नई सुविधा छात्रों के मनोबल को बढ़ाएगी और वे पूरी मेहनत और लगन से अपने भविष्य को संवारेंगे। इस कदम से न केवल विद्यार्थियों का भविष्य सुधरेगा, बल्कि राज्य और देश का भी विकास होगा।
पिछली घोषणाओं की झलक
यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री द्वारा की गई कई बड़ी घोषणाओं की एक कड़ी है। इससे पहले सरकार ने लोगों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि बढ़ाने जैसे कई वादे पूरे किए हैं, जो गरीब और मध्यम वर्ग की जिंदगी सुधारने में मददगार साबित हुए हैं।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: आवेदन कैसे करें?
- योजना के लिए 12वीं पास छात्र-छात्राएं पात्र हैं।
- आवेदन ऑनलाइन या नजदीकी शिक्षा विभाग कार्यालय में किया जा सकता है।
- योजना के तहत शिक्षा ऋण लेने के लिए संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय में नामांकन आवश्यक है।
- पात्र छात्र योजना के तहत आसानी से ऋण पा सकते हैं, जो उनकी फीस, पुस्तक, हॉस्टल खर्च आदि में उपयोग किया जा सकता है।




