नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच फेमस लोक गायिका मैथिली ठाकुर का नाम भी चुनावी चर्चा में आ गया है। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात की, जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मैथिली ठाकुर इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में ताल ठोक सकती हैं।
बिहार के मधुबनी की बेटी, जिसने सुरों से बदली अपनी किस्मत
मधुबनी जिले के बेनीपट्टी गांव की रहने वाली मैथिली ठाकुर का बचपन संघर्षों से भरा रहा। उनके पिता संगीत सिखाने का काम करते थे और उसी से घर का खर्च चलता था। मैथिली ने बचपन से ही रियाज और संगीत की साधना जारी रखी। उन्हें देशभर में पहचान टीवी शो “The Rising Star” से मिली, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की।
आज मैथिली सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी गायकी के लिए जानी जाती हैं।
एक शो से कमाती हैं 5 से 7 लाख रुपये
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैथिली ठाकुर अब एक शो के लिए 5 से 7 लाख रुपये तक चार्ज करती हैं। वह हर महीने करीब 12 से 15 शो करती हैं। इसके अलावा YouTube, Instagram और Facebook जैसे प्लेटफॉर्म से भी उनकी अच्छी-खासी कमाई होती है। कहा जाता है कि महज 25 साल की उम्र में ही मैथिली करोड़ों रुपये की मालकिन बन चुकी हैं।
राजनीति में एंट्री पर क्या बोलीं मैथिली ठाकुर?
जब उनसे राजनीति में आने और चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा गया, तो मैथिली ने मुस्कुराते हुए कहा, मैं भी टीवी पर देख रही हूं। बिहार में नित्यानंद जी और तावड़े जी से मुलाकात हुई थी, बिहार के भविष्य पर चर्चा हुई। अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, देखते हैं…”इस जवाब से यह तो साफ है कि मैथिली ठाकुर राजनीति में आने के लिए पूरी तरह मना नहीं कर रहीं, बल्कि संकेत दे रही हैं कि कुछ बड़ा ऐलान जल्द हो सकता है।
बेनीपट्टी से लड़ सकती हैं चुनाव
मैथिली ठाकुर ने यह भी कहा कि अगर वह राजनीति में कदम रखेंगी तो अपने गांव बेनीपट्टी से शुरुआत करना चाहेंगी। उन्होंने कहा,“मैं अपने क्षेत्र से शुरुआत करना चाहूंगी क्योंकि वहां के लोगों से मेरा जुड़ाव है। उनसे मिलकर बातें सुनना और समझना चाहती हूं। गौरतलब है कि बेनीपट्टी विधानसभा सीट मधुबनी जिले में आती है, और यह मैथिली ठाकुर का पैतृक इलाका है। मैथिली ठाकुर ने अपने सुरों से लाखों दिलों को जीता है, और अब ऐसा लगता है कि वह सियासत में भी अपनी पहचान बनाने की तैयारी में हैं। अगर वह वास्तव में चुनावी मैदान में उतरती हैं, तो यह बिहार की राजनीति में युवाओं और कला जगत से जुड़ी एक नई शुरुआत मानी जाएगी। सुरों से निकलीं मैथिली ठाकुर अब राजनीति की धुन पर कदम बढ़ा रही हैं, और बिहार की जनता बेसब्री से इंतज़ार कर रही है कि क्या उनके सुर अब विधानसभा में भी गूंजेंगे।





