नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । एक निजी मीडिया चैनल के कार्यक्रम में चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला और दो बड़ी चुनौतियाँ पेश कीं। PK ने कहा, “अगर तेजस्वी यादव दसवीं पास कर लें, तो मैं जनसुराज की मुहिम वापस ले लूंगा और उन्हें अपना नेता मान लूंगा।” इसके साथ ही उन्होंने तेजस्वी द्वारा दिए गए सरकारी नौकरी के दावों को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा, “अगर सच में आपने 5 से 6 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, तो उनके नाम और पते सार्वजनिक करें।”
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की शैक्षणिक योग्यता पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा, “इससे फर्क नहीं पड़ता कि वो नौवीं फेल हैं या 14वीं पास। मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं, पहले इसे समझिए। कई बार सामाजिक या राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से लोगों को औपचारिक शिक्षा पूरी करने का अवसर नहीं मिल पाता और ये बात मुझे खुद भी मालूम है।”
तेजस्वी की शिक्षा पर बोले प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा, “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री कामराज से बड़ा कोई नहीं हुआ, उनके पास कोई औपचारिक शिक्षा नहीं थी, लेकिन उनकी परिस्थितियां अलग थीं। वहीं तेजस्वी यादव दिल्ली के डीपीएस आरकेपुरम में पढ़ते थे, लेकिन उन्होंने 9वीं क्लास पास नहीं की। उनका कहना है कि वे क्रिकेट खेलने चले गए थे, लेकिन उन्हें क्रिकेट छोड़ते हुए करीब 20 साल हो गए। बिहार में आम परिवारों में कई महिलाएं मिलेंगी जिन्होंने शादी के बाद BA और MA किया है, जो उनकी शिक्षा के प्रति सम्मान को दर्शाता है।”
तेजस्वी यादव की पढ़ाई को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा, “तेजस्वी यादव का 9वीं पास नहीं होना उनकी शिक्षा के प्रति सोच को बताता है। भाई, जब तब नहीं पढ़े क्योंकि क्रिकेट खेलने गए थे, तो अब पढ़ो। मैट्रिक पास करके दिखाओ। मैं उन्हें चुनौती देता हूं, जितनी कोचिंग और ट्यूशन करनी हो, कर लो। मैट्रिक पास करो और दिखाओ। अगर वो ऐसा कर देते हैं तो मैं जनसुराज पार्टी वापस ले लूंगा, उन्हें अपना नेता मान लूंगा और उनका प्रचार भी करूंगा।”
5 लाख लोगों के नाम और पता बताओ : प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा, “तेजस्वी मैट्रिक पास नहीं हो सकते। लालू परिवार में कोई ऐसा नहीं है। जिस समाज में लोग सिपाही बनने के लिए 5-6 साल संघर्ष करते हैं, वहां आप सिर्फ इसलिए बिहार के नेता नहीं बन सकते कि आप किसी के बेटे हो। हम व्यक्तिगत रूप से किसी पर हमला नहीं कर रहे हैं।”
आरजेडी के सरकारी नौकरी देने के दावों पर उन्होंने कहा, “बिहार में चपरासी से लेकर मुख्य सचिव तक संविदा कर्मी समेत कुल सवा 23 लाख कर्मचारी सरकारी नौकरी करते हैं। दावा किया जा रहा है कि हमने 5 लाख, 10 लाख नौकरियां दी हैं। अगर सच में 5 लाख लोगों को नौकरी दी है, तो उन लोगों के नाम और पते सार्वजनिक करें। तब हम मान लेंगे कि आपने 5 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी है। लेकिन कैसे हो सकता है कि 5 लाख लोग नौकरी करते हैं, सैलरी लेते हैं और उनका नाम पता कोई नहीं जानता? कृपया इनके नाम जारी करें, तभी हम भरोसा करेंगे।”





