नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आते ही विपक्षी महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब इस मोलभाव में हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) भी शामिल हो गई है और उसने बिहार चुनाव के लिए 12 सीटों की मांग की है। झारखंड में हेमंत सोरेन की JMM की सरकार है, जिसमें कांग्रेस, RJD और CPI (ML)L जैसे सहयोगी दल भी शामिल हैं, हालांकि ये दल बिहार के विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।
सीट बंटवारे को लेकर JMM-RJD के बीच अनाधिकारिक चर्चा
एक रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और राजद के बीच 243 सीटों के बंटवारे को लेकर अनाधिकारिक चर्चा हुई है। हालांकि, अभी तक दोनों दलों के बीच इस विषय पर कोई आधिकारिक बैठक नहीं हुई है। साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में झामुमो ने अकेले पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था। जिसमें पीरपैंती, कटोरिया, झाझा, चकई और मनिहारी शामिल है। उस चुनाव में झामुमो को एक भी सीट नहीं मिली, जबकि चकई में पार्टी ने 8.96 फीसदी वोट हासिल कर सबसे बेहतर प्रदर्शन किया था।
RJD को झारखंड चुनाव में JMM ने दी थीं 6 सीटें
अब JMM ने RJD को झारखंड विधानसभा चुनाव में दिए गए समर्थन की याद दिलाकर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। उस चुनाव में हेमंत सोरेन की पार्टी ने राजद को 6 सीटें और एक मंत्री पद दिया था। झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से JMM को 34, कांग्रेस को 16, राजद को 4 सीटें मिली थीं, जबकि CPI (ML) L ने 2 सीटें जीती थीं।
हाल ही में हेमंत सोरेन के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि अब राजद को JMM का एहसान चुकाने का समय आ गया है। उन्हें उम्मीद है कि राजद महागठबंधन में झामुमो को शामिल करेगी और सम्मानजनक संख्या में सीटें देगी। झामुमो के बिहार सचिव ने मीडिया को बताया कि पार्टी ने RJD को 12 मजबूत सीटों की सूची सौंप दी है, जिसमें तारापुर, बेलहर, कटोरिया, चकई, झाझा आदि शामिल हैं।




