नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । इस समय पूरे देश में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद को लेकर बवाल मचा हुआ है और कई नेताओं के बयान सामने आ चुके हैं। इसी बीच, अररिया के जोगबनी में इस मामले पर उठे विवाद ने बिहार की सियासत को भी गरमा दिया है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बड़ा बयान सामने आया है।
बीजेपी ने इस मामले में सीधे राहुल गांधी, तेजस्वी यादव को घेरा
AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी पर आरोप लगाया है। बीजेपी के फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस पूरे विवाद को हवा देने का ठीकरा ओवैसी पर फोड़ा और कहा कि इस घटना के पीछे राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का हाथ भी है।
‘देश में गृह युद्ध करवाना चाहती है कांग्रेस’
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘आई लव मोहम्मद’ मामले पर मीडिया से बातचीत में कहा कि, कांग्रेस देश में गृह युद्ध करवाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि RJD के लोग भी इसी मुद्दे को उस समय उठा चुके थे, जब नेपाल और बांग्लादेश में घटना हुई थी, जिसका दुष्परिणाम हुआ।
गिरिराज सिंह ने कहा कि, राहुल गांधी ने इतना भड़काया कि लेह में हिंसा भड़क गई, और इसका असर अब भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यह राहुल गांधी और तेजस्वी यादव आई लव मोहम्मद के पीछे खड़े है।
देश के लोगों को लड़वाने में सबसे पहले ओवैसी
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि, असदुद्दीन ओवैसी और मुफ्ती महबूबा जैसे लोगों को भारत और बिहार का विकास नहीं दिख रहा है। उनका आरोप है कि ये लोग सत्ता के लिए भारत में लोगों को आपस में लड़वाने में लगे हुए हैं, और इसमें सबसे पहला नाम असदुद्दीन ओवैसी का आता है।
गिरिराज सिंह ने PM मोदी को बताया अवतारी पुरुष
तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के जरिए नीतीश सरकार पर हमले के सवाल पर गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार के विकास के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके माता-पिता के 15 साल के शासनकाल की बात की जाए, तो तेजस्वी यादव को जवाब देना चाहिए, क्योंकि वह बार-बार अपने आप को उखली चढ़ाकर उखल बोलते हैं।
गिरिराज सिंह ने कहा, “ये लोग नरेंद्र मोदी के बराबर होना चाहते हैं। नरेंद्र मोदी जी कर्मवीर प्रधानमंत्री हैं और अवतारी पुरुष हैं। वे दुनिया में भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए पैदा हुए हैं।”
बता दें कि, अररिया के जोगबनी में सोशल मीडिया पर ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्ट के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराए और कुछ जगहों पर लूटपाट हुई। कुछ घंटे में स्थिति नियंत्रित हो गई, लेकिन इस घटना ने राजनीति में हलचल जरूर मचा दी।





