नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। इस बार वोटिंग प्रक्रिया को और पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। पहली बार हर जिले में रिजर्व ईवीएम और वीवीपैट का बड़ा स्टॉक तैयार रखा जाएगा, ताकि किसी भी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत बदलाव किया जा सके।
हर बूथ पर तकनीकी मदद के लिए 25% अतिरिक्त EVM स्टैंडबाय में
चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार हर बूथ पर अगर कोई ईवीएम या वीवीपैट खराब होती है तो उसका तुरंत समाधान किया जा सकेगा। इसके लिए कुल 1.75 लाख ईवीएम का इंतजाम किया गया है, जिसमें 25% अतिरिक्त बैलेट यूनिट (BU) और कंट्रोल यूनिट (CU) रिज़र्व रखी गई हैं। इसके साथ ही 35% अतिरिक्त VV पैट भी तैयार रखे जाएंगे।
सिर्फ ECIL की बनी EVM का इस्तेमाल, BEL की मशीनें नहीं होंगी शामिल
इस बार केवल इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL), हैदराबाद द्वारा निर्मित ईवीएम का ही उपयोग किया जाएगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) की ईवीएम का इस बार प्रयोग नहीं होगा। ECIL के इंजीनियर राज्य के सभी जिलों में भेजे जा रहे हैं, ताकि जून तक सभी मशीनों की प्राथमिक जांच पूरी कर ली जाए।
15 से अधिक उम्मीदवारों वाले क्षेत्र में दो EVM का इस्तेमाल
अगर किसी विधानसभा क्षेत्र में 15 से ज्यादा उम्मीदवार होते हैं, तो वहां दो ईवीएम मशीनें लगाई जाएंगी। हर ईवीएम में कुल 16 बटन होते हैं 15 उम्मीदवारों के लिए और एक NOTA (कोई नहीं) के लिए। इससे मतदाता को बेहतर विकल्प मिलेगा और चुनाव प्रक्रिया सरल बनेगी। चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि ईवीएम की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों को मतदान से पहले और मतदान के दौरान पूरी जानकारी दी जाएगी। इससे जनता का भरोसा बना रहेगा और निष्पक्ष चुनाव की गारंटी मिलेगी। बिहार चुनाव 2025 में चुनाव आयोग ने तकनीकी मजबूती, पारदर्शिता और तैयारी के मामले में एक नया मानक स्थापित करने की तैयारी कर ली है। रिजर्व ईवीएम की योजना से यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी तकनीकी अड़चन से लोकतंत्र की प्रक्रिया न रुके।





