नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। लैंड फॉर जॉब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ED ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव को समन भेजा है। इसके बाद RJD और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
लैंड फॉर जॉब मामले में आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते कुछ लोगों को रेलवे में नौकरी देने के बदले उनकी जमीनें ली गई थीं। इस मामले की जांच ईडी कर रही है और इसी कड़ी में लालू परिवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
आरजेडी ने नीतीश कुमार का नाम लिया
आरजेडी विधायक मुकेश रोशन ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केवल लालू परिवार के खिलाफ नहीं बल्कि नीतीश कुमार को संदेश देने के लिए की गई है। उन्होंने कहा, “नीतीश डरे हुए हैं और बीजेपी उन पर प्रेशर पॉलिटिक्स कर रही है। जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, विपक्ष को डराने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है।
बीजेपी का जवाब-जैसी करनी, वैसी भरनी
बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा, “लालू परिवार को सत्ता में रहते हुए भ्रष्टाचार करने की आदत थी। अब उन्हें इसका हिसाब देना होगा। जिन्होंने देश को लूटा है, उन्हें सजा जरूर मिलेगी।जेडीयू के मंत्री जयंत राज ने कहा कि कानून सबके लिए समान है। उन्होंने आरजेडी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “अगर लालू परिवार निर्दोष होता तो जांच एजेंसियां उन्हें तलब नहीं करतीं। कानून के दायरे में जो भी गलत करेगा, उस पर कार्रवाई होगी। चुनावी माहौल के बीच इस समन को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष इसे सत्ता पक्ष की रणनीति बता रहा है, जबकि NDA गठबंधन का कहना है कि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। लालू प्रसाद यादव से 19 मार्च को पूछताछ होनी है। इस दौरान कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। देखना होगा कि यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है और बिहार की राजनीति पर इसका क्या असर पड़ता है।





