नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव में हार के बाद संगठन को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में अपने बड़े नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी हैं, ताकि आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
दिल्ली की कमान आतिशी के हाथ
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की पूरी जिम्मेदारी अब आतिशी को दी गई है। वह दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता भी बनी हैं और पार्टी को फिर से मजबूत करने का काम भी उन्हीं को सौंपा गया है।
पंजाब में मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को मिली जिम्मेदारी
पंजाब आम आदमी पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्य है, क्योंकि यहां पार्टी की सरकार है। दो साल बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। उनका मुख्य काम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाकर दोबारा सत्ता में वापसी करना होगा।
गुजरात में गोपाल राय और दुर्गेश पाठक को कमान
गुजरात में आम आदमी पार्टी ने पिछले चुनाव में पांच सीटें जीती थीं। इसे मजबूत आधार मानते हुए पार्टी ने वहां के संगठन को मजबूत करने के लिए गोपाल राय और दुर्गेश पाठक को जिम्मेदारी दी है।
गोवा में सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को मिली जिम्मेदारी
गोवा में आम आदमी पार्टी के दो विधायक हैं और पार्टी इसे और मजबूत करना चाहती है। इसी के तहत सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को गोवा की जिम्मेदारी दी गई है।
उत्तर प्रदेश की कमान संजय सिंह और दिलीप पांडे को
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आम आदमी पार्टी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह पहले से ही वहां काम कर रहे हैं। अब उनके साथ दिलीप पांडे को भी यूपी की जिम्मेदारी दी गई है।
अरविंद केजरीवाल संभालेंगे राष्ट्रीय राजनीति
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अब राष्ट्रीय राजनीति पर ज्यादा फोकस करेंगे। वह देशभर में आम आदमी पार्टी के प्रचार में जुटेंगे। खासतौर पर पंजाब में उनकी सक्रियता सबसे ज्यादा रहेगी, ताकि पार्टी दोबारा सरकार बना सके। आम आदमी पार्टी के इन बदलावों से आने वाले चुनावों में क्या असर पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।





