नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मोकामा टाल इलाके में दुलारचंद यादव की हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। हत्या के करीब 29 घंटे बाद भारी पुलिस सुरक्षा के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान मोकामा से बाढ़ के बीच पंडारक इलाके में पथराव हो गया, जिससे माहौल बिगड़ गया। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।
शव यात्रा में पथराव, दो लोग हिरासत में
पुलिस ने शव यात्रा के दौरान हुए पथराव के मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि पंडारक में आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी के समर्थकों की गाड़ी और पुलिस वाहन पर भी पथराव किया गया। इस दौरान दोनों गुटों के बीच झड़प हुई, जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगे और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। इस हिंसा में तीन से चार लोग घायल हुए हैं। एहतियातन इलाके की सभी दुकानें बंद कर दी गईं।
FIR में अनंत सिंह समेत पांच नामजद, दर्जनों अज्ञात आरोपी
गुरुवार (30 अक्टूबर) को जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के काफिले पर हमले के दौरान दुलारचंद यादव को गोली लगी थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। दुलारचंद के पोते रविरंजन यादव के बयान पर भदौर थाना में जेडीयू प्रत्याशी और बाहुबली अनंत सिंह, उनके दो भतीजे रणवीर और कर्मवीर, छोटन सिंह और कंजय सिंह समेत दर्जनों अज्ञात लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान अस्पताल परिसर में समर्थकों और पुलिस के बीच भी झड़प हुई, जहां लोग अनंत सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट, डीजीपी और डीएम को तलब
घटना की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने बिहार के DGP विनय कुमार और जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने जल्द से जल्द पूरी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। क्योंकि यह हत्या चुनाव प्रचार के दौरान हुई है, इसलिए मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील माना जा रहा है। मामले में जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक साज़िश बताया है। उन्होंने कहा, “हम टाल क्षेत्र में वोट मांग रहे थे। हमारे काफिले पर पहले हमला हुआ। करीब सौ गाड़ियां हमारे समर्थकों की तरफ पत्थर फेंकने लगीं। सूरजभान सिंह चाहते हैं कि किसी भी तरह झगड़ा हो जाए ताकि चुनाव प्रभावित हो। अनंत सिंह ने दावा किया कि उनके समर्थकों की 10 गाड़ियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह ने किसी पर सीधा आरोप न लगाते हुए पुलिस प्रशासन और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “यह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र का हनन है। पूरी दुनिया देख रही है कि चुनाव आयोग सुरक्षा देने में नाकाम है। इस मामले की जांच रिटायर्ड जज की टीम से कराई जाए, तभी सच्चाई सामने आएगी।




