नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार बीजेपी को एक बार फिर से दिलीप जायसवाल के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरने का मौका मिला है। केंद्रीय मंत्री और चुनावी पर्यवेक्षक के रूप में आए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को बिहार बीजेपी प्रदेश परिषद की बैठक में दिलीप जायसवाल के नाम पर मुहर लगाई।
प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रहेंगे दिलीप जायसवाल
हाल ही में ‘वन मैन वन पोस्ट’ नियम के तहत दिलीप जायसवाल ने राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि,अब वे सिर्फ विधान परिषद के सदस्य और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। इस फैसले पर बिहार बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है।
बैठक में हुई दो महत्वपूर्ण घोषणाएं
बिहार बीजेपी की प्रदेश परिषद की बैठक के दौरान दो अहम घोषणाएं हुईं दिलीप जायसवाल को फिर से प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का भी चुनाव किया गया। इस मौके पर दिलीप जायसवाल ने कहा, “आज संगठन पर्व का अंतिम चरण है। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मेरी जिम्मेदारी को दोबारा स्वीकार करना गर्व की बात है। बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडेय ने इस फैसले पर कहा, “प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। अब आगामी विधानसभा चुनाव इन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। बीजेपी NDA के अन्य घटक दलों के साथ मिलकर चुनाव जीतेगी। बीजेपी विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने कहा, “दिलीप जायसवाल के नेतृत्व में हमारी पार्टी और मजबूत होगी। कोसी-सीमांचल समेत पूरे बिहार में उत्साह का माहौल है।”
2025 बिहार विधानसभा चुनाव पर नजर
दिलीप जायसवाल के नेतृत्व में अब बिहार बीजेपी की नजर 2025 के विधानसभा चुनाव पर है। पार्टी का पूरा फोकस संगठन को और मजबूत करने और जनता का समर्थन बढ़ाने पर होगा। दिलीप जायसवाल को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद बिहार बीजेपी को उम्मीद है कि वे संगठन को और मजबूती देंगे और 2025 में पार्टी को सत्ता में वापसी दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।





