नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने जातीय जनगणना पर बयान देकर सूबे की सियासत को गरमा दिया है। निशांत ने जातीय जनगणना पर पहली बार अपना बयान दिया है। उन्होने इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। जातीय जनगणना पर छिड़ी बहस के बीच निशांत कुमार की राय सामने आई है। सीएम के बेटे निशांत ने कहा कि पिता शुरू से जातीय जनगणना के पक्षकार रहे हैं।
‘पिता पहले से ही रहे है पक्षधर’
हाल ही में केंद्र सरकार ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए जातीय जनगणना कराने की घोषणा की है। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया। और कहा कि पहले से हमारे पिता (नीतीश कुमार) जातिगत जनगणना के पक्षधर रहे हैं। उन्होने कहा कि जातीय जनगणना का फैसला स्वागत योग्य है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा आरक्षण का मामला
बता दें कि, 2022 में सीएम नीतीश की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने जाति आधारित सर्वे को हरी झंडी दी थी। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बिहार में आरक्षण की सीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया था। सरकार ने आरक्षण में 50 फीसदी कोटा बढ़ाकर 65 फीसद कर दिया था। आरक्षण सीमा बढ़ाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
जातीय जनगणना पर क्या बोले निशांत कुमार?
मीडिया चैनल से बातचीत करते हुए निशांत ने कहा कि जातीय जनगणना कराने का निर्णय केंद्र का है। लेकिन इसमें विपक्ष दलों में जातीय जनगणना का श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। विपक्ष का कहना है कि केंद्र ने विपक्ष के दबाव में जातीय जनगणना कराने का फैसला लिया। जातीय जनगणना के मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा था।
विपक्ष के श्रेय लेने पर जानिए क्या कहा?
प्रमुख विपक्षी दलों में जातीय जनगणना पर क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है। इस श्रेय लेने के सवाल पर निशांत ने कहा कि पिता के विचारों को मूर्त रूप देने का काम केंद्र सरकार ने किया है। पिता जी हमेशा से ही जातिगत जनगणना के पक्षधर रहे है।




