नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने के बाद, उनके चाचा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने उन पर सीधा हमला बोला है। पारस ने कहा कि “अगर डर है कि मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ेगा, तो बाहर बयानबाजी क्यों चिराग को चाहिए था कि वे यह मुद्दा लोकसभा में उठाते।
चिराग को गठबंधन से अलग हो जाना चाहिए
आईएएनएस से बातचीत में पारस ने कहा, “अगर चिराग एनडीए से खुश नहीं हैं तो उन्हें खुलकर सामने आकर समर्थन वापस लेना चाहिए। हंसना और गाल फुलाना एक साथ नहीं हो सकता। जिस घर में इज्जत न मिले, उस घर को छोड़ देना चाहिए। पारस के इस बयान को चिराग के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है।
महागठबंधन में जाने की तैयारी
पारस ने यह भी साफ किया कि उनकी पार्टी एनडीए से नाता तोड़ चुकी है और महागठबंधन में जाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। उन्होंने कहा, “महागठबंधन से हमारी बातचीत हो चुकी है और दो-चार दिनों में हम औपचारिक तौर पर उसमें शामिल हो जाएंगे। इसके बाद बिहार की राजनीति में उनके अगले कदम की घोषणा होगी।
तेजस्वी यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव द्वारा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी पर पारस ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान में सभी को समान अधिकार दिया है। अगर गरीबों और दलितों को वोट देने से रोका जाएगा, तो इसका असर बहुत बड़ा होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा हुआ तो चुनाव आयोग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
मुकेश सहनी की सीट डिमांड पर बोले पारस
विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी द्वारा 60 सीटों की मांग को लेकर पारस ने कहा, “बिहार में कुल 243 सीटें हैं और कई पार्टियां महागठबंधन में शामिल हैं। इसलिए सीटों का बंटवारा मिलकर और जीतने वाले उम्मीदवारों के आधार पर होना चाहिए। बिहार चुनाव से पहले लोजपा (रामविलास) और आरएलजेपी के बीच खींचतान तेज हो गई है। पारस का चिराग के खिलाफ यह तीखा बयान बताता है कि एनडीए के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है, और महागठबंधन की राजनीति नए समीकरण बना रही है।





