नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 में बख्तियापुर में हुआ था। नीतीश कुमार एक कुशल नेता होने के साथ एक इंजीनियर भी हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग में B.Sc की पढ़ाई की हुई है। साल 1985 में नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन शुरू हुआ जब वह पहली बार बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए। आज वह बिहार के सबसे ज्यादा लंबे समय तक सीएम रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। इस मौके पर जानेंगे कि कैसे बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार आज भी प्रासंगिक बने हुए हैं।
बतौर CM श्रीकृष्ण सिन्हा का रिकॉर्ड तोड़ा
बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2023 में ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिन्हा के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। श्रीकृष्ण सिन्हा ने 17 साल 52 दिन तक बिहार राज्य की कमान संभाली थी। साल 2023 में ही नीतीश कुमार ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। साल 2025 के आने तक यह आंकड़ा इतना बढ़ चुका है कि शायद ही कोई इसके आस पास भी पहुंच सके। हालांकि नीतीश कुमार के इस पूरे कार्यकाल में एक ब्रेक भी आया था जब जीतन राम मांझी को अल्पसमय के लिए सीएम बनाया गया था जबकि श्रीकृष्ण सिन्हा ने अपने कार्यकाल में लगातार काम किया है।
कैसा रहा है नीतीश कुमार का सियासी सफर
नीतीश कुमार का सियासी सफर साल 1985 में शुरू हुआ था जब वह पहली बार बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए थे। इसके साथ ही साल 1987 में वह युवा लोक दल के अध्यक्ष भी बने। साल 1989 में जनता दल के जनरल सेक्रेटरी बने और उसी साल वह 9वीं लोकसभा में संसद सदस्य भी चुने गए। साल 1991 में वह अपने दूसरे टर्म में लगातार सांसद बने। इसके बाद आया साल 1996 जब उन्होंने तीसरी बार सांसद के तौर पर शपथ ली। जब उनका सियासी सफर 1998 तक पहुंचा तो उनके जीवन में चौथी बार सांसद बनने का अवसर आया। पहली बार नीतीश कुमार 3 मार्च 2000 को बिहार के मुख्यमंत्री बने हालांकि उनका कार्यकाल केवल 7 दिन का रहा था। इसके बाद साल 2005 के बाद से अगर जीतन राम मांझी के अल्पकाल सीएम कार्यकाल को छोड़ दे तो नीतीश कुमार बिहार के सबसे ज्यादा लंबे समय तक रहने वाले सीएम बन गए।




