नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025 के तहत बिहार की लाखों महिलाओं को आज बड़ी सौगात मिली है। विधानसभा चुनावों से पहले राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए इस योजना की पहली किस्त जारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना का शुभारंभ करते हुए 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इस मौके पर कुल 7,500 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों को भेजी गई।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। दी गई राशि का उपयोग महिलाएं छोटा व्यवसाय शुरू करने या अपने कौशल को आगे बढ़ाने में कर सकती हैं। सरकार की योजना है कि भविष्य में पात्र महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। बड़ी बात यह है कि अब तक इस योजना के लिए 1 करोड़ से अधिक महिलाएं आवेदन कर चुकी हैं, जो इसे बिहार की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित योजनाओं में से एक बनाता है।
प्रधानमंत्री ने बिहार की महिलाओं को रोजगार का दिया बड़ा तोहफा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में आज मुझे बिहार की नारी शक्ति के साथ उनकी खुशियों में शामिल होने का अवसर मिला। आप सबका आशीर्वाद हम सबके लिए एक बहुत बड़ी शक्ति है। मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि 75 लाख बहनों के बैंक खाते में यह राशि भेजी गई है। यह योजना बिहार की बहनों-बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। जब कोई बहन या बेटी स्वरोजगार करती है, तो उसके सपनों को नए पंख लगते हैं और समाज में उसका सम्मान और भी बढ़ जाता है।
पीएम मोदी ने नीतीश सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत पहल बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना बिहार की महिलाओं को एक नई पहचान और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से ‘लखपति दीदी’ योजना को और अधिक मजबूती मिलेगी। हमारा लक्ष्य है कि देश में कम से कम 3 करोड़ लखपति दीदी हों, और मुझे पूरी उम्मीद है कि इनमें सबसे ज्यादा लखपति दीदी बिहार से ही होंगी।
रोजगार सही से शुरू किया तो मिलेगी 2 लाख रुपये तक की मदद
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की 75 लाख महिलाओं को 10–10 हजार रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है। इस राशि का सीधा लाभ महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने में मिलेगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे चलकर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता कैसे मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने योजना की प्रक्रिया को समझाते हुए कहा कि अगर महिलाओं द्वारा मिली हुई राशि का सही उपयोग किया गया, रोजगार शुरू हुआ और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम करती हैं, तो प्रशासन उनके कार्य की समीक्षा करेगा। यदि उनका कार्य संतोषजनक पाया गया, तो उन्हें आगे चलकर 2 लाख रुपये तक की और मदद दी जाएगी। इसका मकसद केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को व्यवसायिक रूप से सक्षम बनाकर दीर्घकालिक रोजगार से जोड़ना है।
RJD पर पीएम मोदी का तीखा हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार दौरे के दौरान RJD पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि RJD के शासनकाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी और सबसे अधिक अत्याचार महिलाओं को झेलना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि RJD के राज में कोई भी घर सुरक्षित नहीं था। सबसे ज्यादा मार महिलाओं ने झेली है। महिलाओं ने RJD नेताओं के अत्याचार को भी देखा है। लेकिन आज नीतीश कुमार के नेतृत्व में बेटियां बेखौफ होकर घर से बाहर निकल रही हैं। महिला सुरक्षा पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत मुक्ति मिली है।




