नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। पूर्वी चंपारण जिले की सुगौली विधानसभा सीट से वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार शशि भूषण सिंह का नामांकन रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह रद्दीकरण तकनीकी कारणों से हुआ है।
कौन हैं शशि भूषण सिंह?
शशि भूषण सिंह वर्तमान में RJD से विधायक हैं। सीट बंटवारे में उन्हें इस बार महागठबंधन के तहत वीआईपी पार्टी के टिकट पर सुगौली से उम्मीदवार बनाया गया था। लेकिन नामांकन के दौरान एक बड़ी गलती हो गई, जिसके कारण उनका नामांकन रद्द हो गया।
नामांकन में हुई चूक
दरअसल, राजद जैसे पंजीकृत दलों के उम्मीदवारों को नामांकन के लिए सिर्फ एक प्रस्तावक की जरूरत होती है। लेकिन वीआईपी पार्टी जैसी गैर-पंजीकृत (unrecognized) पार्टी के प्रत्याशी को 10 प्रस्तावकों की आवश्यकता होती है। शशि भूषण सिंह, खुद को राजद प्रत्याशी समझते हुए, सिर्फ एक प्रस्तावक के साथ नामांकन दाखिल कर बैठे। नामांकन पत्रों की जांच में जब यह गलती सामने आई, तो चुनाव आयोग ने उनका नामांकन खारिज कर दिया।
किन उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हुए?
सुगौली विधानसभा से कुल 10 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। जांच के बाद 5 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दिए गए शशि भूषण सिंह (VIP), गयासुद्दीन सामनि (AAP), सदरे आलम (अपनी जनता पार्टी) प्रकाश चौधरी (निर्दलीय), कृष्ण मोहन झा निर्दलीय इस सीट पर एनडीए की ओर से चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने राजेश गुप्ता उर्फ बबलू गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। अब शशि भूषण सिंह के नामांकन रद्द होने के बाद एनडीए को सीधी बढ़त मिलती दिख रही है। सुगौली विधानसभा सीट पर मतदान 11 नवंबर 2025 को दूसरे चरण में होगा, और मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। महागठबंधन के लिए यह झटका बेहद अहम समय पर आया है। एक ओर एनडीए लगातार चुनावी मैदान में ताकत दिखा रहा है। वहीं दूसरी ओर VIP उम्मीदवार का नामांकन रद्द होना महागठबंधन की एकजुटता और तैयारी पर सवाल खड़ा करता है। सुगौली सीट का यह घटनाक्रम बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन की रणनीति को झटका देने वाला साबित हो सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि VIP और RJD इस स्थिति से कैसे निपटते हैं और क्या इस सीट पर कोई नया उम्मीदवार उतारा जाएगा।




