नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें गाठ लीं। इस जीत के बाद, बुधवार (19 नवंबर) को नीतीश कुमार को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया। अब वे राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और 20 नवंबर को सुबह गांधी मैदान, पटना में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। नेता चयन की प्रक्रिया सबसे पहले जनता जनता दल (यूनाइटेड) (JD(U)) की बैठक में नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद एनडीए के सहयोगी दलों की बैठक में सम्राट चौधरी ने नीतीश के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिली।
शपथ ग्रहण समारोह
शपथ लेने की तारीख तय है 20 नवंबर 2025 पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान। समारोह में केंद्रीय नेतृत्व और एनडीए के बड़े नेता उपस्थित होंगे। भाजपा को मिली 89 सीटें एनडीए में सबसे बड़ी पार्टी बनी। JDU को मिली 85 सीटें। अन्य सहयोगी दलों में: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीटें, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा को 5 और लोक जनशक्ति (RLM) को 4 सीटें। यह दिखाता है कि एनडीए ने बिहार में बड़ी जीत हासिल की है और सरकार बनाने का दावा मजबूत है। नीतीश कुमार को दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता खुल गया है, जो राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। नए मंत्रिमंडल और सत्ता वितरण की दिशा अब तय होनी है किसे मंत्री बनेगा, सहयोगी दलों के हिस्से क्या होंगे, ये अब फोकस में होंगे। बिहार में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में एनडीए को जबरदस्त सफलता मिली है। अब उस जीत के बाद गठबंधन ने तय किया है कि नीतीश कुमार को कहा जाए कि वे विधायक दल के नेता बनें और मुख्यमंत्री का पद संभालें। इसके बाद वे राज्यपाल से मिलेंगे और 20 नवंबर को एक बड़े समारोह के माध्यम से फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस तरह बिहार में नई सरकार बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
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