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Monday, March 2, 2026
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बिहार महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा, पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप, जाने इस फैसले के पीछे क्‍या है वजह?

बिहार महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरवत जहां ने पार्टी के प्रति अपनी गहरी नाराजगी जताई है। महिला नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्‍होंने अपने पद से इस्‍तीफा दिया है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के कमजोर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। इसी कड़ी में बिहार महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरवत जहां ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। आज शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी में महिलाओं की लगातार अनदेखी हो रही है।

सरवत जहां ने कहा कि पूरे चुनाव में महिलाओं को मात्र 8 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया गया, जिसे उन्होंने बेहद दुखद और निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि 28 महीने तक प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने और 38 जिलों की महिला जिलाध्यक्षों ने मिलकर बूथ स्तर तक काम किया, सड़क पर उतरकर महिलाओं की समस्याएं उठाईं और संगठन को मजबूत किया। उन्‍होंने कहा कि महिलाओं में टिकट को लेकर काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस बार स्थिति ऐसी बन गई कि महिला प्रदेश अध्यक्ष को भी टिकट नहीं दिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा और नाराजगी बढ़ गई। सरवत जहां ने साफ कहा कि पार्टी की यह उपेक्षा स्वीकार्य नहीं है, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।

सरवत जहां ने टिकट वितरण पर उठाए सवाल

सरवत जहां फातिमा ने इस्तीफा देते हुए अपने एक्स पोस्ट में साफ लिखा कि उनकी राजनीति का आधार हमेशा नैतिकता और निडरता रहा है। उन्होंने कहा कि 25 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने इन दो सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने टिकट वितरण में महिलाओं की अनदेखी पर गहरी नाराजगी जताई। सरवत जहां ने लिखा कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने महिलाओं को मात्र 8% प्रतिनिधित्व दिया, जिसका नतीजा यह हुआ कि पार्टी के दोनों सदनों में महिला नेतृत्व लगभग शून्य हो गया। इसके कारण अनेक हैं, लेकिन अपने पद की गरिमा और अपनी पार्टी के मूल सिद्धांत जो महिला शशक्तीकरण की ओर केंद्रित हैं, मैं इस विंडम्बना की नैतिक जिम्मेदारी लेना आवश्यक समझती हूँ।”

उन्होंने स्वीकार किया कि महिला नेतृत्व की वर्तमान स्थिति को लेकर उन्हें पीड़ा और आत्मचिंतन दोनों का अनुभव हुआ, और इसी कारण उन्होंने प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने का निर्णय लिया। अपने पत्र के अंत में उन्होंने सोनिया गांधी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए लिखा कि उनके निजी और राजनीतिक जीवन में सोनिया गांधी उनकी आदर्श रही हैं। सोनिया गांधी की नैतिकता, सादगी और पद के प्रति निर्लिप्तता को उन्होंने हमेशा नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण माना है।

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