नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए एक बड़ी सौगात का ऐलान किया है। अब बिहार की मूलनिवासी महिलाओं को राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण मिलेगा। यह आरक्षण सभी संवर्गों और सभी स्तरों की सीधी नियुक्तियों पर लागू होगा। यानी अब क्लर्क से लेकर ऑफिसर रैंक तक की नौकरियों में बिहार की महिलाएं मजबूत दावेदार बनेंगी।
पहले सभी महिलाओं को मिलता था लाभ, अब सिर्फ बिहार की महिलाओं को
अब तक जो 35% आरक्षण महिलाओं को दिया जा रहा था, वह देश के किसी भी हिस्से की महिला उम्मीदवार को मिलता था। लेकिन अब यह सुविधा केवल बिहार की मूल निवासी महिलाओं को ही दी जाएगी। यह कदम बिहार की महिलाओं को प्रतिस्पर्धा में विशेष बढ़त देगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें महिला आरक्षण के अलावा कई बड़े फैसले शामिल हैं, 100 करोड़ रुपये की डीजल अनुदान योजना को स्वीकृति मिली। किसानों को डीजल पर आर्थिक सहायता मिलेगी।
गेहूं बीज विस्थापन योजना
65 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। यह राशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत दी जाएगी। बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले दिव्यांग उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए 50,000 इंटरव्यू की तैयारी के लिए 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बिहार सरकार ने युवा आयोग बनाने का फैसला किया है। आयोग में 1 अध्यक्ष, 2 उपाध्यक्ष और 7 सदस्य होंगे। सदस्यों की अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। सैनिक स्कूलों को आर्थिक सहायता नालंदा और गोपालगंज के सैनिक स्कूलों में छात्रों के पोषण आहार स्कूल के विस्तार और स्थापना के लिए सरकार ने वित्तीय मदद का ऐलान किया। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह फैसला जहां महिलाओं को सरकारी क्षेत्र में अधिक भागीदारी देगा, वहीं यह आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक सशक्त राजनीतिक संदेश भी है। नीतीश सरकार ने इस कदम से महिलाओं और युवाओं को लुभाने की कोशिश की है। बिहार की महिलाओं के लिए यह ऐलान एक ऐतिहासिक कदम है। अब सरकारी नौकरी पाने की राह उनके लिए और भी आसान होगी। साथ ही, यह फैसला राज्य में लिंग समानता और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।




