नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-VIP आदि) के भीतर सीट बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ गया है। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी खुलकर नाराज नजर आ रहे हैं। अब तक औपचारिक तौर पर सीट शेयरिंग की घोषणा नहीं हुई है, जिससे सहनी खफा बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मुकेश सहनी चाहते हैं कि गुरुवार शाम तक सीटों का बंटवारा साफ कर दिया जाए और यह स्पष्ट हो कि वीआईपी के खाते में कौन-कौन सी सीटें आएंगी। उनकी नाराजगी की बड़ी वजह यह है कि जिन सीटों पर वे अपने उम्मीदवार उतारना चाहते हैं, उन पर आरजेडी और कांग्रेस पहले से ही दावेदारी जता रही हैं। इस स्थिति से वे बेहद असंतुष्ट हैं।
जानकारी के अनुसार, मुकेश सहनी आज दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे, जिसमें वे महागठबंधन से जुड़ा बड़ा ऐलान कर सकते थे। लेकिन कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के फोन के बाद उन्होंने पीसी का समय बदल दिया है। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा है कि मुकेश सहनी कहीं महागठबंधन से अलग होकर कोई नया कदम तो नहीं उठाने वाले।
सीट बंटवारे को लेकर मुकेश सहनी से सुलह की कोशिश
महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान अब सुलह के प्रयासों की ओर बढ़ती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी की नाराजगी को दूर करने के लिए महागठबंधन के तमाम वरिष्ठ नेता लगातार संपर्क में हैं। दोनों पक्षों के बीच सीट बंटवारे पर समझौते का रास्ता निकालने की कोशिशें जारी हैं। महागठबंधन की ओर से मुकेश सहनी को 15 से 17 सीटों का ऑफर दिया गया है।
मुकेश सहनी ने पहले की थी 60 सीटों की मांग
मुकेश सहनी शुरू से ही अपनी पार्टी के लिए 60 सीटों की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि वीआईपी अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़े। इतना ही नहीं, उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए यह भी दावा किया था कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है, तो वे डिप्टी सीएम बनेंगे। हालांकि अब राजनीतिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन ने फिलहाल वीआईपी को 15 से 17 सीटों का ऑफर दिया है। यही वजह है कि मुकेश सहनी नाराज हैं और सीटों के चयन पर मोलभाव जारी है।





