नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आ गए हैं। एक महीने बाद 243 सीटों पर वोटिंग होगी। वोट डेट सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और सभी दल सक्रिय हो गए हैं।
राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से जहानाबाद सीट ने 2020 के चुनाव में ध्यान खींचा। आठ उम्मीदवार मैदान में उतरे, लेकिन छह ने अपनी जमानत खो दी। राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन अधिकांश अपनी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
नोटा ने भी बनाई पहचान
2015 के जहानाबाद विधानसभा चुनाव में नौ उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें सात की जमानत जब्त हो गई। 2010 में 12 उम्मीदवार उतरे थे और नौ की जमानत डूबी। 2015 में नोटा तीसरे स्थान पर रहा, जिसे 5,648 मतदाताओं ने चुना।
NDA और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला
2020 के चुनाव में 2,388 वोटरों ने नोटा का विकल्प चुना। जहानाबाद में मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच रहा। 2020 में राजद को 47%, जदयू को 25.8% और लोजपा को 15.2% वोट मिले। पिछले चुनावों में राजद और रालोसपा/जदयू की हिस्सेदारी बदलती रही।
10 साल से राजद का दबदबा
2020 में राजद के कुमार कृष्ण मोहन उर्फ सुदय यादव, 2015 में मुंद्रिका सिंह यादव और 2010 में जदयू के अभिराम शर्मा ने जहानाबाद सीट पर जीत हासिल की। 2015 से अबतक यानी दस साल से यह सीट लगातार राजद के कब्जे में है।
जहानाबाद में बदलते रहे गठबंधन
2010 में राजद, कांग्रेस और सीपीआइ एमएलएल ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था, जबकि जदयू और भाजपा साथ थीं। 2015 में राजद, कांग्रेस और जदयू एक साथ थीं, और CPI MLअलग चुनाव में उतरी। NDA से यह सीट उस समय रालोसपा को मिली थी।
2020 में जहानाबाद में गठबंधन
2020 के जहानाबाद विधानसभा चुनाव में राजद, कांग्रेस और सीपीआइ एमएलएल ने एक साथ चुनाव लड़ा। जदयू और भाजपा गठबंधन में थी, जबकि लोजपा ने अलग उम्मीदवार उतारकर अपनी किस्मत आजमाई।
2025 चुनाव में मुकाबला दिलचस्प
आगामी 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद, कांग्रेस और सीपीआइ एमएलएल का महागठबंधन है। वहीं जदयू, भाजपा, लोजपा, हम और रालोसपा NDA का हिस्सा हैं। इस बार NDA और महागठबंधन में कौन जीत दर्ज करेगा, यह राजनीतिक विश्लेषकों और मतदाताओं के लिए बेहद रोचक रहेगा।
14 चुनावों में राजद का दबदबा
1952 से 2020 तक जहानाबाद विधानसभा में कुल 14 चुनाव हुए। इनमें राजद ने छह बार जीत दर्ज की। कांग्रेस तीन, जदयू, सोशलिस्ट पार्टी, जनता पार्टी और जनता दल एक-एक बार विजयी रहे। एक बार निर्दलीय उम्मीदवार भी विधानसभा पहुंचे।
विजेताओं की सूची और राजद का दबदबा
1952 से 2020 तक जहानाबाद विधानसभा चुनावों में विजेताओं में शिवभजन सिंह (सोशलिस्ट पार्टी, 1952), महावीर चौधरी (कांग्रेस, 1967), रामचंद्र यादव (जनता पार्टी, 1977), तारा गुप्ता (कांग्रेस, 1980), सैयद असगर हुसैन (कांग्रेस, 1985), हरि लाल यादव (निर्दलीय, 1990), मुंद्रिका सिंह यादव (जनता दल, 1995), मुनिलाल यादव (राजद, 2000), सच्चितानंद यादव (राजद, 2005), अभिराम शर्मा (जदयू, 2010), मुंद्रिका सिंह यादव (राजद, 2015), सुदय यादव (राजद, 2018 उपचुनाव और 2020) शामिल हैं।




