नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार में विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव से पहले पटना में पोस्टर वॉर की जंग छिड़ गई है। अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खिलाफ नया पोस्टर सामने आया। जिसमें लालू यादव और तेजस्वी यादव की तस्वीर लगी हुई है। साथ ही पोस्टर का शीर्षक लिखा- ‘ जंगलराज 15 साल के 15 कांड’ है। इस पोस्टर के जरिए आरजेडी पर तीखी हमला बोला गया है। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का 15 साल के कार्यकाल में हुए मामलों की सूची पोस्टर में छापी गई है।
पटना के चौक-चौराहे पर लगे पोस्टर
बीते दिनों पटना के इनकम टैक्स चौराहे के पास एक विवादित पोस्टर लगा दिखा, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। पोस्टर में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को भैंस पर बैठे हुए दिखाया गया था। जिसके बाद से लगातार पोस्टर वॉर की जंग छिड़ी हुई है। अब एक नए पोस्टर से सियासी लड़ाई और तेज हो गई।
पोस्टर में क्या क्या?
पटना के मुख्य चौराहे पर लगे इस पोस्टर में 15 कांड का जिक्र किया गया है। लालू यादव और तेजस्वी यादव के पोस्टर में लिखा है कि ‘जंगलराज 15 सालों के 15 कांड’ इसमें कुछ पुराने मुद्दों का जिक्र है। जैसे- मियांपुर नरसंहार, चंपा विश्वास कांड, चारा घोटाला, दवा घोटाला, बाढ़ राहत राशि घोटाला, ऐसे ही तकरीबन 15 मुद्दों का जिक्र पोस्टर में किया गया है।
चुनावी माहौल में पोस्टर वॉर
हालांकि, बिहार की सियासत में इस प्रकार के पोस्टर वॉर नई बात नहीं है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों और परिवार को निशाना बनाना चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना रहा है। पिछले दिनों बिहार में विभिन्न आयोगों के गठन में NDA से संबंध रखने वाले राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं के दामाद और करीबियों की जिस प्रकार एंट्री हुई है, उस पर राजद ने भी कई पोस्ट शहर की चौक चौराहों पर लगाए हैं।
NDA समर्थकों ने भी लगाए थे पोस्टर्स
पटना की सड़कों पर NDA समर्थकों की ओर से भी पोस्टर लगाए गए थे। एक पोस्टर में राजद सुप्रीमो लालू यादव को भैंस पर बैठे और मुंह में चारा चबाते हुए दिखाया गया था। तो वही, तेजस्वी यादव को उनके आगे बैठे हुए दिखाया गया था। इस पर लिखा गया था- “मेरा बाप चारा चोर, मुझे वोट दो।”
यह पोस्टर स्पष्ट तौर पर बिहार में लालू यादव की सरकार में चारा घोटाले और वंशवाद के मुद्दे को निशाने पर लेता दिखाई दिया था। चुनाव के कुछ महीने बाकि हैं और पार्टियों के बीच एक-दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। चुनाव को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग ने बिहार का दौरा भी किया है। चुनाव आयोग जल्द ही बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकता है।





