नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। एनडीए की जीत के साथ ही उसके सहयोगी दल अपने-अपने विधायक दल के नेता चुन रहे हैं। इसी क्रम में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपने नेतृत्व का ऐलान कर दिया है।
HAM में प्रफुल्ल मांझी को मिली कमान
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) ने प्रफुल्ल मांझी को विधायक दल का नेता चुना है। सिकंदरा सीट से लगातार दूसरी बार जीतने वाले प्रफुल्ल मांझी पार्टी के संस्थापक जीतन राम मांझी के बेहद करीबी नेताओं में माने जाते हैं। इस चुनाव में HAM ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा और 5 सीटों पर जीत हासिल की। यह पार्टी का अब तक का सबसे सफल प्रदर्शन माना जा रहा है। पिछली बार पार्टी ने 4 सीटें जीती थीं।
LJP (रामविलास) की कमान राजू तिवारी को
चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने गोविंदगंज से विजयी विधायक राजू तिवारी को अपना विधायक दल का नेता चुना है। इस चुनाव में LJP(RV) ने 29 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और रिकॉर्ड 19 सीटों पर जीत हासिल की। पिछली विधानसभा में यह पार्टी सिर्फ 1 सीट जीत पाई थी, ऐसे में यह प्रदर्शन पार्टी के लिए ऐतिहासिक है।
RLM करेगी नाम का ऐलान
एक और एनडीए सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) अपने विधायक दल के नेता की घोषणा करेगी। उपेंद्र कुशवाहा की यह पार्टी 6 सीटों पर लड़ी और 4 सीटों पर जीत दर्ज की। एनडीए की दो सबसे बड़ी पार्टियां भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) अपने विधायक दल के नेता का चयन अगले एक-दो दिनों में करेंगी। इसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। माना जा रहा है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण पटना के गांधी मैदान में 17 से 20 नवंबर के बीच किसी भी दिन हो सकता है। इसके लिए मैदान को आम जनता से पूरी तरह बंद कर दिया गया है।




