नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस बार सियासत के साथ-साथ भोजपुरी इंडस्ट्री का तड़का भी देखने को मिल रहा है। जहां छपरा सीट से भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं भाजपा ने पवन सिंह को अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया है। दोनों दिग्गजों के आमने-सामने आने की संभावना को लेकर अब माहौल और दिलचस्प बन गया है।
पवन सिंह बोले- ‘पार्टी आदेश सर्वोपरि, खेसारी के लिए शुभकामनाएं”
मीडिया से बातचीत में पवन सिंह ने कहा,“मेरे लिए रिश्ता भी मायने रखता है, और मेरे लिए पार्टी का आदेश सर्वोपरि है। मुझे जो आदेश मिलेगा, मैं उसे टाल नहीं सकता। लेकिन मेरी ओर से खेसारी लाल यादव के लिए शुभकामनाएं हैं खुश रहें, मस्त रहें। इस बयान से साफ है कि पवन सिंह ने खेसारी के साथ पुराने रिश्ते को सम्मान दिया है, लेकिन पार्टी की लाइन से बाहर जाने के मूड में नहीं हैं।
नचनिया शब्द पर बोले पवन सिंह- यह कोई खराब शब्द नहीं
हाल ही में खेसारी लाल यादव को लेकर नचनिया शब्द के इस्तेमाल पर मीडिया ने सवाल किया तो पवन सिंह ने बड़ी परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “भोजपुरी या हिंदी ऐसी भाषा है, जिसका डबल मीनिंग निकल जाता है। अगर किसी का जुबान फिसल गया या किसी ने नचनिया कह दिया तो उसे लेकर इतना रिएक्शन नहीं देना चाहिए। भगवान शंकर ने भी नृत्य किया था, तो उनको क्या बोलेंगे? पवन सिंह के इस बयान को सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है। दरअसल, कुछ दिन पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खेसारी लाल यादव पर तंज कसते हुए उन्हें नाचने वाला कहा था। इसके जवाब में खेसारी ने कहा था सम्राट चौधरी पहले अपने घर में झांककर देखें और बताएं कि उनकी पार्टी ने चार नचनिया को टिकट क्यों दिया। इसके बाद भोजपुरी इंडस्ट्री और राजनीति दोनों में माहौल गर्म हो गया था। अब जब पवन सिंह बीजेपी के स्टार प्रचारक बन चुके हैं और खेसारी लाल आरजेडी के प्रत्याशी हैं, तो छपरा की सियासत में भोजपुरी स्टार्स का मुकाबला देखने लायक होगा। दोनों के बीच सीधा टकराव भले न हो, लेकिन बयानबाज़ी से माहौल जरूर गरमाने वाला है।




