नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को मिली करारी हार के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। हाल ही में हुई समीक्षा में कई कांग्रेस उम्मीदवारों ने राजद और तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन को चुनावी परिणाम के लिए जिम्मेदार ठहराया। इनमें से कुछ नेताओं ने तो कांग्रेस आलाकमान को RJD से दूरी बनाने की सलाह भी दी। इस पर सियासी माहौल गर्म है, हालांकि अब तक किसी वरिष्ठ नेता ने गठबंधन के भविष्य को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।
महागठबंधन को करना पड़ा हार का सामना, सिर्फ 35 सीटे जीती
पिछले दिनों संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने कुल 71 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 6 सीटों पर सफलता मिली। वहीं, राजद ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ा और सिर्फ 25 जीत हासिल की। अन्य घटक दलों का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। इस तरह, महागठबंधन कुल 243 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 35 सीटों पर जीत दर्ज कर पाया, जिससे गठबंधन की मजबूती और रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
बिहार चुनाव हार को लेकर कांग्रेस ने की समीक्षा
बीते गुरुवार नई दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी और प्रदेश के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उम्मीदवारों से समूहवार चर्चा की, जिसमें हर समूह में 10-10 उम्मीदवारों से बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश उम्मीदवारों ने कांग्रेस आलाकमान को बताया कि राजद से गठबंधन होने की वजह से परिणाम अपेक्षित नहीं रहे और अगर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ती तो बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी। प्रत्याशियों ने यह भी कहा कि सीटों के बंटवारे में देरी और कुछ सीटों पर आपसी टकराव ने हार में योगदान दिया।
कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी
हालांकि, वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी। बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला आलाकमान करेगा। महागठबंधन के अन्य घटक दल भी अपने-अपने स्तर पर हार की समीक्षा कर रहे हैं। राजद में प्रमंडलवार उम्मीदवारों से फीडबैक लिया जा रहा है और चुनाव में विरोधियों के पक्ष में काम करने वाले संभावित भितरघाती उम्मीदवारों की पहचान की जा रही है, जिन पर भविष्य में कार्रवाई हो सकती है।
बिहार विधानसभा सत्र 1 दिसंबर से
बिहार विधानसभा का नया सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने वाला है, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। राज्य में भारी जीत दर्ज करने के बाद नीतीश कुमार की सरकार सदन में अपना अनुपूरक बजट पेश करेगी। इस बीच, विधानसभा सत्र से पहले शनिवार को पटना में तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायक शामिल होंगे। इसमें विधानसभा सत्र संबंधी रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी।





