नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 6 October 2024। वास्तु शास्त्र के अनुसार जीवन में सफलता और तरक्की पाने के लिए कई प्रकार की चीजें करनी पड़ती है। इसमें दान का भी महत्व है। शास्त्र के अनुसार जो जाता दान करता है उसके जीवन में सदैव तरक्की और सफलता बनी रहती है। लेकिन अगर आप पुराने जूते चप्पल का दान करते हैं तो उसे इसका प्रभाव उल्टा पड़ता है और आपको नकारात्मकता घेर लेती है।
पुराने जूते चप्पलों का न करें दान
वास्तु शास्त्र के अनुसार पुराने जूते चप्पलों का आपको दान बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में परेशानियां आती है। शास्त्रों के अनुसार आपके जीवन का पुण्य आपके पैर में होता है। और जब आप अपना चप्पल या जूता दूसरों को देते हैं तो इसके साथ ही आपका पुन्य भी उसके पास चला जाता है। और आपको चारों तरफ से नकारात्मकता है घेर लेती है। और आपको कभी भी बरकत नहीं प्राप्त होती।
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि केवल दान ही नहीं अगर आपका कोई जूता चप्पल पहनता हैं तब भी आपको उसे मना करना चाहिए। और किसी को अपना पहना हुआ जूता नहीं देना चाहिए। वास्तु में बताया गया है कि अगर आपको किसी को जूता या चप्पल देना है तो आप नया खरीद के दे सकते हैं। इससे आपकी तरक्की होती है और आप जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं।
इसके साथ ही वस्तु में जूते चप्पल खरीदने का भी नियम बताया गया है। कभी भी मंगलवार, शनिवार और ग्रहण वाले दिन फुटवेयर नहीं खरीदना चाहिए। न अमावस्या के दिन जूते-चप्पल खरीदें। ऐसा करने से आपके घर में बरकत नहीं होती है और आरती तंगी जैसी समस्या बनी रहती है। इसीलिए आपको वस्तु में बताई गई इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें –www.raftaar.in
डिसक्लेमर
इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है,और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।




