नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नवरात्रि (Navratri) शुरू हो गई है। ऐसे में आपके घर में सुख समृद्धि और तरक्की लाने के लिए छोटे बड़े कुछ ना कुछ उपाय करते रहना चाहिए। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना करते हैं। मान्यता है कि चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना करने से भक्तों के हर कष्ट दूर हो जाते है। शास्त्रों के अनुसार, अगर नवरात्र में शास्त्र सम्मत पूजा के साथ-साथ वास्तु के नियमों का भी पालन किया जाए, तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है और घर के वास्तु दोष भी अपने आप समाप्त हो जाते हैं। तो चलिए उन उपायों के बारे में जानते हैं।
वास्तु उपाय (Vastu Tips)
अखंड ज्योति से जुड़ा कई उपाय वास्तु शास्त्र में बताया गया है अगर आप घर में अखंड ज्योति रख रहे हैं तब आपको यह जरूर उसका पालन करना चाहिए।अगर आप नवरात्र में नौ दिनों के लिए अखंड दीप जलाते हैं, तो इसे आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में रखें।चूंकि यह दिशा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए यहां दीपक रखने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और घर में सौभाग्य का आगमन होता है।ध्यान रखें, अखंड दीपक को सीधे जमीन पर न रखें. बल्कि, नीचे अष्टदल कमल या पीले चावल का आसन पर रखें।
रंगों का खास रख ध्यान
वास्तु में लाल रंग को ऊर्जा, सत्ता और विजय का प्रतीक माना गया है। माता की पूजा में लाल फूलों, लाल चुनरी और चंदन का अधिक प्रयोग करें। नवरात्रि की पूजा और सजावट में काले रंग का प्रयोग वर्जित है। इसके साथ ही आपको अपने घर परिवार में बरकत लाने के लिए घर की साफ सफाई पर पूरा ध्यान रखना चाहिए इन नवरात्रि घर में साफ सफाई का ध्यान दें कपूर जिला कर पूरे घर में दिखाएं ताकि नकारात्मकता भाग जाए।
मुख्य द्वार की चौखट को वास्तु में देहरी कहा जाता है। नवरात्रि के पावन अवसर पर अपनी देहरी का पूजन करना और वहां शुभ चिन्ह बनाना दरिद्रता को घर में घुसने से रोकता है। बाजार से मिलने वाले प्लास्टिक के स्वास्तिक के बजाय, अपने हाथ से शुद्ध केसर या सिंदूर और चमेली के तेल के मिश्रण से स्वास्तिक बनाएं। स्वास्तिक की चारों भुजाएं बराबर होनी चाहिए और उसके बीच में चार बिंदियां जरूर लगाएं। इसके साथ ही आपको मुख्य द्वार पर कभी अंधेरा नहीं होने देना चाहिए उसे नकारात्मकता हावी हो जाती है।
डिसक्लेमर
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