नई दिल्ली रफ्तार डेस्क।24 May 2024। मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां कई प्रकार के देवी देवताओं की पूजा की जाती है। अलग-अलग मंदिर में अलग-अलग प्रकार के देवी देवता विराजमान हैं। लेकिन क्या आपको पता है वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ भगवान की मूर्तियां मंदिर में नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती है।
शनि देव
आपको अपने घर के मंदिर में कभी भी शनि देव की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। शनि देव की हम पूजा अर्चना भी करते हैं। लेकिन वह बहुत क्रोधित देवता होते हैं इसलिए उनकी मूर्ति को घर पर नहीं रखा जात। आप अगर उनकी पूजा करना चाहते हैं तो आप नजदीक किसी मंदिर में जाकर उनकी पूजा अवश्य करें लेकिन घर में उनकी मूर्ति को विराजमान ना करें।
राहु केतु
राहु केतु भगवान बहुत ही उग्र श्रेणी में आते है। इनकी पूजा करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है अगर आप घर में उनकी मूर्ति रखेंगे और आप पूजा करने में चूक गए तो इसका गलत प्रभाव पड़ सकता है। इसीलिए आपको उनकी मूर्तियों को घर में नहीं रखना चाहिए बल्कि मंदिर में अगर यह मूर्तियां है तो आप वहां जाकर पूजा कर सकते हैं।
काली माता
काली माता मां दुर्गा का स्वरूप है वह अत्यधिक क्रोधित रूप में होती हैं। उनकी पूजा सच्चे मन और भाव से किया जाता है। माता रानी की पूजा करने के लिए कई प्रकार की विधियां बताई गई हैं लेकिन अगर आप माता रानी की मूर्ति घर में रखते है। और बताई गई विधि विधान अनुसार पूजा नहीं करते तो या आप पर क्रोधित हो जाती हैं। इसीलिए आपको माता की मूर्ति घर में नहीं रखनी चाहिए।
नटराज भगवान
अक्सर लोग नटराज भगवान की मूर्ति घर में रखना पसंद करते हैं। आपके चारों तरफ किसी न किसी के घर में या मूर्ति अवश्य मिल जाएगी। लेकिन क्या आपको पता है नटराज भगवान भोलेनाथ के रौद्र रूप माने जाते हैं। इसी कारण आप घर में नटराज भगवान की मूर्ति को रखने से बचें क्योंकि ऐसा करने से आपके घर में वास्तु दोष तो लगेगा ही इसके साथ ही घर परिवार की शांति भी भंग होगी।
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