नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में MVA और महायुती गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर होने की पूरी संभवाना है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और उनकी बेटी प्रणीति शिंदे ने सोलापुर दक्षिण विधानसभा सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार धर्मराज कडाड़ी को अपना समर्थन कर दिया है। सुशील कुमार शिंदे के इस फैसले से महाविकास अघाड़ी गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, सोलापुर दक्षिण विधानसभा सीट पर शिवसेना (UBT) ने अपना उम्मीदवार उतारा है, जो MVA का हिस्सा है। अब ऐसे समय में सुशील कुमार शिंदे के फैसले ने सभी को चौंका दिया है। सुशील कुमार शिंदे और उनकी बेटी प्रणीति शिंदे ने वोट डालकर बूथ से बाहर आने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार धर्मराज कडाड़ी के समर्थन का ऐलान किया।
“इस सीट को शिवसेना (UBT) को देना पूरी तरह से गलत है”
सुशील कुमार शिंदे ने पत्रकारों को अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि धर्मराज कडाड़ी एक बहुत अच्छे प्रत्याशी हैं, जो इस क्षेत्र के भविष्य लिए सही साबित होंगे। सुशील कुमार शिंदे ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि शुरुआत में दिलीप माने को कांग्रेस से अवसर मिलता दिख रहा था। लेकिन दिलीप माने को AB फॉर्म नहीं मिला।
ऐसे में हमने निर्दलीय उम्मीदवार धर्मराज कडाड़ी को ही समर्थन करने का फैसला लिया है। सुशील कुमार शिंदे ने इससे पहले भी सोलापुर दक्षिण विधानसभा सीट को शिवसेना(UBT) को देने के कांग्रेस के फैसले पर हैरानी जताई थी। सुशील कुमार शिंदे का इसको लेकर कहना है कि सोलापुर दक्षिण विधानसभा सीट पर कांग्रेस का मजबूत जनाधार रहा है। इसको शिवसेना(UBT) को देना पूरी तरह से गलत है।
अमर पाटिल का यहां से दावा नहीं बनता है: सुशील कुमार शिंदे
सुशील कुमार शिंदे ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा था कि वह भी सोलापुर दक्षिण विधानसभा सीट से चुने जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह इस विधानसभ सीट से चुने जाने के बाद ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे। शिवसेना (UBT) ने सोलापुर दक्षिण विधानसभा सीट से अमर पाटिल को अपना उम्मीदवार घोषित करने में जल्दीबाजी दिखाई है।
अमर पाटिल का यहां से दावा नहीं बनता है। कांग्रेस ने इस विधानसभा सीट को लगातार अपने पास रखा है और उसको हमेशा यहां से जीत मिलती रही है। ऐसे में शिवसेना (UBT) को यह सीट देना समझ से परे है। इसके साथ ही सुशील कुमार शिंदे की बेटी प्रणीति शिंदे ने भी अपने पिता की बात को सही ठहराया।





