नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिस समय एकनाथ शिंदे राजभवन पहुंचे तो उस दौरान उनके साथ बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस और NCP मुखिया अजित पवार भी मौजूद रहे। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनावी नतीजे आने के 3 दिन बाद भी अगले मुख्यमंत्री के नाम का फैसला नहीं हो पाया है जिसे लेकर चर्चा अपने सबसे अहम और निर्णायक मोड़ पर आ चुकी है। बीजेपी और शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट की ओर से अपने अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है।
शिंदे सरकार की नीतियों की वजह से मिली जीत- शिंदे समर्थक
महाराष्ट्र के चुनावी नतीजे जारी हुए तीन दिन का समय हो गया है लेकिन अभी तक सीएम पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। महायुति में तीनों दलों के समर्थक अपने अपने नेताओं को सीएम बनते हुए देखना चाहते हैं। एक ओर तो देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाए जाने को लेकर बीजेपी को अजित पवार का साथ मिल गया है। वहीं दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे के समर्थकों की दलील है कि महायुति को प्रचंड जीत एकनाथ शिंदे सरकार की नीतियों की वजह से ही मिली है लिहाज एकनाथ शिंदे को सीएम बनाया जाए।
क्या कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं एकनाथ शिंदे?
यह बात जगजाहिर है कि राजनीति संभावनाओं का खेल है। कहा जाता है कि राजनीति में न तो कोई किसी का दोस्त होता है और न ही कोई किसी का दुश्मन होता है। अगर इस बात पर विश्वास किया जाए तो एकनाथ शिंदे अपने दलहित में फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि एकनाथ शिंदे ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कोई भी कार्यकर्ता उनके आधिकारिक आवास पर इक्ट्ठा न हों। उनके समर्थक लगातार उन्हे सीएम बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।





