नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) 2025 में शामिल होने के लिए अमेरिका जा सकते हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी हो सकती है। चर्चा का मुख्य मुद्दा व्यापार टैरिफ, रूस से तेल खरीद और भू-राजनीतिक तनाव रहेंगे।
टैरिफ विवाद से बढ़ा तनाव
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत लंबे समय से चल रही है, लेकिन कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर मतभेद बने हुए हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारतीय उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाया। रूस से तेल खरीद जारी रखने पर अतिरिक्त 25% शुल्क भी जोड़ा गया। कुल टैरिफ 50% हो चुका है, जिसमें आधा 7 अगस्त से और बाकी 27 अगस्त से लागू होगा। भारत ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी आपत्ति
अमेरिका का मानना है कि भारत की रूस से तेल खरीद, यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में मदद करती है। ट्रंप ने इस पर भारत की आलोचना करते हुए आयात कम करने का दबाव बनाया है। भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिकी कंपनियां खुद रूस से यूरेनियम, रसायन और उर्वरक खरीद रही हैं, जो पाखंडपूर्ण है। 15 अगस्त को ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात होने वाली है। यह बैठक यूक्रेन युद्ध खत्म करने के संभावित रास्तों पर केंद्रित होगी। भारत के लिए यह ऊर्जा और व्यापार रणनीति तय करने में अहम होगी।
UNGA में मोदी की मौजूदगी
80वां सत्र 9 सितंबर से शुरू होगा। हाई लेवल डिबेट 23-29 सितंबर। ट्रंप 23 सितंबर को भाषण देंगे, जबकि भारत 26 सितंबर को संबोधन करेगा। अगर इस दौरान मोदी-ट्रंप की बैठक होती है, तो यह 7 महीनों में उनकी दूसरी मुलाकात होगी। पिछली बार फरवरी में व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी-ट्रंप की आमने-सामने की मुलाकात से दोनों देशों के रिश्तों में हालिया तनाव कम हो सकता है और व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है।





