नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हमले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने चिंता जताई और हिंदुओं को एकजुट रहने का आह्वान किया। RSS ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर इस्लामी कट्टरपंथी तत्वों द्वारा लगातार हो रही सुनियोजित हिंसा, अन्याय और उत्पीड़न पर गहरी चिंता व्यक्त करती है। उन्होंने इसे मानवाधिकार का हनन बताते हुए UN से दखल देने की मांग की।
RSS ने हिंदुओं से एकजुट होने को कहा
आरएसएस की प्रतिनिधि सभा ने अपने बयान में कहा कि हमारी प्रतिबद्धता बांग्लादेश के हिंदु समुदाय के साथ खड़ा होना है जो इस सबसे वहां सबसे ज्यादा प्रताड़ित हो रहा है। प्रतिनिधि सभा भारत सरकार से अनुरोध करती है कि वह बांग्लादेश के हिंदू समाज की सुरक्षा, गरिमा और सहज स्थिति सुनिश्चित करने के लिए वहां की सरकार से निरतंर संवाद बनाए रखने के साथ साथ हर सम्भव प्रयास जारी रखे। उन्होंने वहा रहने वाले बांग्लादेशी हिंदुओं से एकजुट होकर अपनी मांग उठाने को कहा।
UN से दखल देने की मांग
RSS ने इस मामले में UN से दखल देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ‘कुछ अंतरराष्ट्रीय शक्तियां जानबूझकर भारत के पड़ोसी क्षेत्रों में अविश्वास और टकराव का वातावरण बनाते हुए एक देश को दूसरे के खिलाफ खड़ा कर अस्थिरता फैलाने का प्रयास कर रही हैं। प्रतिनिधि सभा का मत है कि संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों और वैश्विक समुदाय को बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और बांग्लादेश सरकार पर इन हिंसक गतिविधियों को रोकने का दबाव बनाना चाहिए। उन्होंने आगे यह भी कहा कि यह मानवाधिकार का हनन है।





