back to top
20.1 C
New Delhi
Friday, March 13, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Payal Kapadia: पायल कपाड़िया ने देश का नाम किया रौशन, Cannes Film Festival में जीता अवार्ड

पायल कपाड़िया ने 'कान फिल्म फेस्टिवल' में इतिहास रच दिया है। एक समय था जब FTII ने पायल का स्कॉलरशिप रोका था, आज पायल कपाड़िया ने इवेंट में अवार्ड जीतने के बाद नाम रोशन कर दिया है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कान फिल्म फेस्टिवल में निर्देशक पायल कपाड़िया की फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट’ ने सभी को हैरान कर दिया है इसके लिए पायल को ग्रां.प्री अवार्ड दिया गया है। बता दें कि, यह फिल्म मलयालम और हिंदी भाषा में पायल कपाड़िया द्वारा लिखी गई है इसके अलावा यह पहली ऐसी फिल्म है जिसे इतनी बड़ी प्रतियोगिता में एक महिला द्वारा प्रदर्शित की गई है। पायल कपाड़िया ने कान फिल्म फेस्टिवल में अपने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है पायल की इस सक्सेस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई भी दी है।

कौन है पायल कपाड़िया?

पायल कपाड़िया का जन्म मुंबई में हुआ वह 38 साल की है पायल मुंबई के सेंट जेविर्यस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बैचलर डिग्री कर हासिल की है इसके बाद उन्होंने फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अपना कोर्स पूरा किया। पायल को साल 2021 में फिल्म ‘ए नाइट ऑफ नोइंग नथिंग’ को बेस्ट डॉक्युमेंट्री के लिए गोल्डन आई अवार्ड से सम्मानित किया गया था। साल 2017 में पायल की फिल्म ‘आफ्टरनून क्लाउड्स’ कान फिल्म फेस्टिवल में भारत की तरफ से पहली बार प्रदर्शित की गई थी। पायल कपाड़िया लंबे समय से कान फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेती रही है वही इस बार उन्होंने इतिहास बना दिया है।

पायल की फिल्म की कहानी

पायल कपाड़िया की फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट’ दो नर्सों पर बेस्ड है। दोनों का नाम प्रभा और अनु है प्रभा की शादी अरेंज मैरिज होती है और उसका पति विदेश रहता है। जबकि अनु की शादी अभी तक नहीं हुई है अनु को एक लड़के से प्यार होता है जिसके बाद प्रभा और अनु दो दोस्तों के साथ ट्रिप पर जाते हैं। इस तरह से दोनों को अपनी आजादी के मायने समझ में आते हैं।

पीएम मोदी ने दी बधाई

पायल कपाड़िया ने कानपुर में फेस्टिवल में देश का नाम रोशन किया है जिससे खुश होकर पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी है। पीएम मोदी ने लिखा है कि, पायल कपाड़िया को ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ के लिए 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रैंड प्रिक्स जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारत को गर्व है।”

पायल ने किया था विरोध-प्रदर्शन

साल 2015 में गजेंद्र चौहान को एफटीआईआई बनाए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था उतना ही नहीं ‘पाकिस्तान जाओ’ के नारे भी लगाए गए थे। पायल कपाड़िया अन्य दूसरे छात्रों के साथ मिलकर संस्थान के निर्देशक प्रशांत पथराबे द्वारा दायर किए गए मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही थी। छात्रों पर यह आरोप लगाया गया था कि, उन्होंने निर्देशक प्रशांत का घेराव किया और उनके कार्यालय में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची इस मामले में कई छात्रों को गिरफ्तार भी किया जिसमें पायल कपाड़िया भी शामिल थी।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

इच्छामृत्यु पर बनी इन फिल्मों को देखकर रह जाएंगे हैरान, जानिए लिस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आपको बता दें कि, इस समय इच्छा मृत्यु की एक खबर काफी ज्यादा चर्चा में बनी हुई है। साल 2013...
spot_img

Latest Stories

मार्च में पड़ रही मई जैसी गर्मी! दिल्ली-NCR में 14 मार्च से बदलेगा मौसम, हल्की बारिश की संभावना

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों...

Akshay Kumar अपनी इन सीक्वल फिल्मों से मचाएंगे धमाल, जानिए लिस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। अक्षय कुमार इस साल कई...

क्या आप भी चाहती हैं चेहरे पर अच्छा ग्लो? तो इन चीजों से बनाएं फेस पैक

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज के समय में दिन...

Vastu Tips: शुक्रवार के दिन करें वास्तु उपाय चमक उठेगा आपका भाग्य, मिलेगी तरक्की

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना...