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Wednesday, March 25, 2026
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इस बजट में बदल सकते हैं इनकम टैक्‍स से जुड़े नियम, जान लीजिए क्‍या है Direct Tax और Indirect Tax

माना जा रहा है कि 31 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सेशन में सरकार पुराने इनकम टैक्स नियमों को बदल सकती है। इस बार नया इनकम टैक्स बिल पेश होने की चर्चा है।

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार 1 फरवरी को बजट पेश करने जा रही है। इस बजट से इनकम टैक्स को लेकर आम आदमी की कई उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। माना जा रहा है कि 31 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सेशन में सरकार पुराने इनकम टैक्स नियमों को बदल सकती है। इस बार नया इनकम टैक्स बिल पेश होने की चर्चा है। 

ऐसे में जब बात टैक्स की आती है तो यह जानना जरूरी है कि टैक्स दो प्रकार का होता है। डायरेक्ट टैक्स और इनडायरेक्ट टैक्स। बजट में इनसे जुड़े ऐलानों को समझने से पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर इन दोनों में अंतर क्या है?

गौरतलब है कि इस बजट सत्र में केंद्र सरकार आयकर कानून 1961 को और आसान बनाने और उसमें कुछ परिवर्तन करने के लिए नया इनकम टैक्स बिल प्रस्‍तुत कर सकती है। क्योंकि पिछले बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर कानून की समीक्षा की बात कही थी, जिसके लिए CBDT ने एक समिति भी बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार नए कानून के ड्राफ्ट की समीक्षा लॉ मिनिस्ट्री की ओर से की जा रही है। 

ये हो सकता है ऐलान 

सूत्रों के अनुसार इस बार बजट में नई कर व्यवस्था के तहत 10 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को टैक्स फ्री किया जा सकता है। इसके अलावा 15 लाख रुपये से 20 लाख रुपये के बीच की वार्षिक आय के लिए एक नया 25% टैक्स स्लैब पेश करने की योजना है।

जानिए क्‍या होता है डायरेक्‍ट टैक्‍स 

डायरेक्ट टैक्स वह कर है जो कोई व्यक्ति या संगठन प्रत्यक्ष रूप से उस एंटिटी को भुगतान करता है जिसने इसे लगाया है। इसमें रियल एस्टेट प्रॉपटी टैक्स, पर्सनल प्रॉपर्टी टैक्स या एसेट्स पर टैक्स सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए सरकार को प्रत्यक्ष कर का भुगतान किया जाता है। 

जानिए क्‍या होता है इनडायरेक्‍ट टैक्‍स 

अप्रत्यक्ष कर यानी इनडायरेक्ट टैक्स उत्पादित वस्तुओं और आयात-निर्यात वाले सामानों पर एक्साइज ड्यूटी, सीमा शुल्क और सेवा शुल्‍क के माध्यम से लगाया जाता है। व्यापार कर, सेवा कर, चुंगी कर, सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क, मनोरंजन शुल्क जैसे कर इनडायरेक्ट टैक्स में आते हैं। 

सभी तरह के इनडायरेक्ट टैक्सेज को GST में शामिल करते हैं। सरकार द्वारा 1 जुलाई 2017 को वस्तु और सेवा कर (GST) पेश किया गया था, जिसमें सभी प्रकार के अप्रत्यक्ष कर शामिल थे। वर्तमान में शराब और पेट्रोलियम प्रॉडक्ट, जीएसटी के दायरे से बाहर हैं। वहीं सीमा शुल्क उन वस्तुओं पर लगता है, जो देश में आयात की जाती हैं या फिर देश के बाहर निर्यात की जाती हैं।

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