नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क/ संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर दो चरणों में चलेगा। पहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा चरण 10 मार्च से 4 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। इसके अगले दिन, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश करेंगी।
आर्थिक सर्वेक्षण और धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा
राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया जाएगा। 3 फरवरी के बाद राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी। बजट सत्र के दौरान दिल्ली विधानसभा चुनाव के दिन संसद में कार्यवाही नहीं होगी।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट
यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट होगा। इस बार का बजट सत्र अठारहवीं लोकसभा चुनाव के बाद का पहला पूर्ण बजट सत्र है। इससे पहले हुए शीतकालीन सत्र में विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई थी।
शीतकालीन सत्र 26 दिनों तक चला था
बीता शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से 21 दिसंबर 2024 तक चला था। यह सत्र कुल 26 दिनों का था, जिसमें लोकसभा की 20 और राज्यसभा की 19 बैठकें हुईं। हालांकि, विपक्ष और सरकार के बीच मतभेद के कारण यह सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया था।
इस बार उम्मीद है बेहतर कार्यवाही की
बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामे की संभावना कम है। विपक्षी गठबंधन इंडिया के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती एकजुटता बनाए रखने की होगी।
10 मार्च से शुरू सत्र का होगा दूसरा चरण
सत्र का दूसरा चरण 10 मार्च को शुरू होगा और इसके 4 अप्रैल तक जारी रहने की संभावना है। बजट सत्र में कुल 27 बैठकें होनी है। किरेन रीजीजू ने कहा कि दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित हो सकते हैं और विभिन्न मंत्रालयों व विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए 10 मार्च को फिर से मिलेंगे।





