back to top
23.1 C
New Delhi
Wednesday, March 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

SBI Foundation Day: कैसे हुई SBI की शुरूआत? जानिए 200 सालों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कहां तक का सफर तय किया

SBI का 200 वर्षों से भी अधिक पुराना इतिहास है। जिसने एक वैश्विक बैंक के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । आज 1 जुलाई का दिन भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लिए बहुत खास है क्योंकि इसी दिन इसका फाउंडेशन-डे मनाया जाता है। भारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, एसबीआई, 200 वर्षों से भी अधिक पुराने इतिहास को समेटे हुए है। इसकी स्थापना उस दौर में हुई थी जब भारत ब्रिटिश राज के अधीन था। उस वक्त बैंक का नाम एसबीआई नहीं था, बल्कि कुछ और था। आज एसबीआई न केवल भारत की शीर्ष दस सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है, बल्कि फॉर्च्यून 500 की भी प्रमुख कंपनी है। आइए जानें, कैसे शुरू हुआ यह बैंक और कब खुला इसका पहला खाता।

SBI की नींव कब और कैसे पड़ी?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की स्थापना की कहानी 19वीं सदी की शुरुआत से जुड़ी है। बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट के अनुसार, इसकी शुरुआत 2 जून 1806 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में एक बैंक के रूप में हुई, जिसका नाम था बैंक ऑफ कलकत्ता। उस समय भारत पर ब्रिटिश शासन था। 2 जनवरी 1809 को इस बैंक को आधिकारिक चार्टर मिला और इसका नाम बदलकर बैंक ऑफ बंगाल कर दिया गया। यह नाम परिवर्तन बाद में भी कई बार हुआ, और इसी क्रम में यह बैंक धीरे-धीरे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रूप में विकसित हुआ।

Imperial Bank of India का गठन कैसे हुआ?

1809 में बैंक ऑफ बंगाल बनने के बाद, भारत के बैंकिंग क्षेत्र में तेजी से विकास होने लगा। 15 अप्रैल 1840 को बंबई (अब मुंबई) में बैंक ऑफ बॉम्बे की स्थापना हुई, और इसके तीन साल बाद, 1 जुलाई 1843 को बैंक ऑफ मद्रास अस्तित्व में आया। इन तीनों बैंकों – बैंक ऑफ बंगाल, बैंक ऑफ बॉम्बे और बैंक ऑफ मद्रास की स्थापना ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के वित्तीय कार्यों की देखरेख के लिए की गई थी। हालांकि, इन बैंकों में प्राइवेट सेक्टर के लोगों की जमा पूंजी भी रखी जाती थी। कई दशकों तक काम करने के बाद, 27 जनवरी 1921 को बैंक ऑफ बंगाल, बैंक ऑफ बॉम्बे और बैंक ऑफ मद्रास का विलय कर दिया गया। इस विलय के परिणामस्वरूप भारत का एक बड़ा बैंक, इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया (Imperial Bank of India) अस्तित्व में आया, जिसने बाद में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रूप में अपनी पहचान बनाई।

आजादी के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का गठन

बैंक ऑफ बंगाल, बैंक ऑफ बॉम्बे और बैंक ऑफ मद्रास को 1861 में करेंसी छापने और जारी करने का अधिकार मिला था, जो विलय के बाद इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से भी जारी रहा। देश की आजादी के बाद भी इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया अपनी सेवाएं जारी रखता रहा और समय के साथ इसका विस्तार भी हुआ। वर्ष 1955 में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पार्लियामेंटरी एक्ट के तहत इस बैंक को अधिग्रहित कर लिया। इसके बाद 30 अप्रैल 1955 को इसका नाम बदलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) रखा गया, जिससे आज का भारत का सबसे बड़ा बैंक जन्मा।

RBI द्वारा नया नाम दिए जाने के बाद, 1 जुलाई 1955 को आधिकारिक तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की स्थापना की गई। इसी दिन एसबीआई में पहला बैंक अकाउंट भी खोला गया। इस बदलाव के साथ देश भर में मौजूद इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया के 480 कार्यालयों का नाम बदलकर SBI ऑफिस कर दिया गया। इनमें ब्रांच ऑफिस, सब ब्रांच ऑफिस और तीन लोकल हेडक्वाटर शामिल थे। इसके बाद से देश में बैंकिंग सेक्टर में निरंतर विकास होने लगा। 1955 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक्ट पारित हुआ, और अक्टूबर में एसबीआई के पहले सहयोगी बैंक के रूप में स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद की स्थापना हुई। इसके बाद, 10 सितंबर 1959 को The State Bank of India (Subsidiary Banks) Act, 1959 लागू किया गया, जिससे एसबीआई की शाखाओं का विस्तार और अधिक मजबूत हुआ।

SBI आज भारत की टॉप-10 संस्थानों में शामिल

आजादी से पहले शुरू हुई यात्रा और आजादी के बाद मिले नाम के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का दायरा लगातार बढ़ता रहा। खासकर 2017 में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया गया, जब 1 अप्रैल को एसबीआई में कई सहयोगी बैंकों का विलय कर दिया गया। इन बैंकों में शामिल थे :-

स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (SBBJ)

स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (SBM)

स्टेट बैंक ऑफ त्रवणकोर (SBT)

स्टेट बैंक ऑफ पटियाला (SBP)

स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (SBH)

इस विलय के बाद SBI ने एक वैश्विक बैंक के रूप में अपनी पहचान बनाई और इसकी शाखाओं की संख्या लगभग 22,500 तक पहुंच गई। आज, मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है, जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 7.32 लाख करोड़ रुपये है।

Advertisementspot_img

Also Read:

SBI ग्राहकों को नेट बैंकिंग में हर रोज इस वक्त आ सकती है परेशानी, जानें क्‍या है कारण?

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । यदि आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं, तो इंटरनेट बैंकिंग इस्तेमाल करते समय आपको रोजाना...
spot_img

Latest Stories

ये क्या बोल गए आफरीदी… टीम इंडिया को लेकर उनका बयान फिर बना चर्चा का विषय

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत ने टी20 विश्व कप 2026...

बेला नाम का मतलब- Bela Name Meaning

Meaning of Bela /बेला नाम का मतलब: Beautiful/सुंदर Origin /...

Ekadashi March 2026: कब है पापमोचनी और कामदा एकादशी? जानें सही तिथि और मुहूर्त

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। चैत्र मास सनातन परंपरा में अत्यंत...

कल खत्म हो जाएगी NEET UG 2026 की आवेदन प्रक्रिया, फटाफट करें अप्लाई; जानिए कितनी है आवेदन फीस

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अगर आप मेडिकल फील्ड में करियर...

CBSE 12वीं के पेपर में QR कोड स्कैन करते ही खुला YouTube, छात्रों में मची हलचल; जानिए बोर्ड ने क्या कहा?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के...

Tarvel Tips: दोस्तों के साथ घूमने का हैं मन, तब इन खास बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। अगर आप मार्च के महीने...