नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कांग्रेस पार्टी SEBI चीफ पर लगातार हमलावर है। मंगलवार को कांग्रेस ने माधबी पुरी बुच कई गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस ने कहा- माधबी पुरी जिस समय महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप में कंसल्टेंसी सर्विसेज दे रही थी ठीक उसी समय उनकी एक दूसरी कंपनी में हिस्सेदारी थी। इसी कंपनी से उनके पति धवल बुच को 4.78 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई जबकि ग्रुप के मामलों पर फैसला उनकी पत्नी माधबी बुच दे रही थी।
कांग्रेस का आरोप- अगोरा एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए करोड़ो का लेन देन
कांग्रेस ने कहा कि SEBI की अध्यक्ष होने के बाद भी माधबी बुच ने अपनी कंसल्टिंग फर्म अगोरा एडवाइजरी कंपनी के माध्यम से महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियों से 2.95 करोड़ रुपये लिए। कांग्रस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा- सेबी चीफ के पास 31 मार्च 2024 तक आगोरा समूह में 99 फीसदी हिस्सेदारी रही है। अगोरा से सर्विस लेने वाली कंपनियों में केवल महिंद्रा ग्रुप ही नहीं है बल्कि डॉ रेड्डीज, पिडलाइट और आईसीआईसीआई शामिल है। गोरा को मिले कुल 2.95 करोड़ रुपये में से 2.59 करोड़ रुपये या कुल आय का 88% अकेले महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप से आया।
इस मामले पर महिंद्रा ग्रुप का बयान
इस मामले पर महिंद्रा ग्रुप का बयान सामने आया है जिसमें कंपनी ने कांग्रेस के इन आरोपों को झूठा और भ्रामक बताते हुए खंडन किया है। ग्रुप ने अपनी सफाई में कहा कि हमने कभी सेबी से किसी भी प्रकार की तरजीह के लिए आग्रह नहीं किया। ग्रुप के प्रवक्ता की ओर स यह भी कहा गया कि हम कॉपरेट गवर्नेंस के हाई स्टैंडर्डस को बनाए रखते हैं। कांग्रेस की ओर से जयराम रमेश ने कुछ सवाल खड़े किए थे, जिसके जवाब में ग्रुप की ओर से यह सफाई आई है।
माधबी बुच पर लगातार हमलावर है कांग्रेस
बीते कुछ समय से कांग्रेस माधबी बुच पर लगातार हमला बोल रही है। आईसीआईसीआई बैंक से सैलरी प्राप्त करने का आरोप लगाने के बाद ये दूसरा मौका है जब कांग्रेस ने सेबी चीफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं।





