नई दिल्ली, रफ्तार। मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने क्वांट म्यूचुअल फंड (Quant Mutual Fund) के ठिकानों पर छापेमारी की है। सेबी ने फ्रंट रनिंग मामले में मुंबई और हैदराबाद में यह कार्रवाई की है। मामले में शुक्रवार को क्वांट डीलर्स और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ हुई थी। संदीप टंडन (Sandeep Tandon) ने क्वांट म्यूचुअल फंड की शुरुआत की थी। साल 2017 में कंपनी को सेबी (SEBI) से लाइसेंस मिला था। क्वांट देश का काफी तेजी से बढ़ने वाला म्यूचुअल फंड रहा है। इसकी एसेट्स 90 हजार करोड़ रुपए है। यह साल 2019 में 100 करोड़ रुपए थी। जनवरी 2024 में इसकी एसेट्स 50 हजार करोड़ रुपए को पार कर गई थी। इसके पोर्टफोलियो में 26 स्कीम और 54 लाख पोर्टफोलियो थे।
क्या होता है फ्रंट रनिंग?
फ्रंट रनिंग का मतलब उन अवैध गतिविधियों से है, जहां फंड मैनेजर या ब्रोकर को आने वाले बड़े ट्रेड की पहले से जानकारी होती है। इस कारण वह पहले से ऑर्डर करते और बड़ा मुनाफा कमाते हैं। ऑपरेशंस से मुनाफा करीब 20 करोड़ रुपए है। सेबी ने अपनी निगरानी टीम द्वारा संदिग्ध ट्रेडिंग पैटर्न को पकड़ा, जिसके बाद उसने फंड हाउस के ऑपरेशन पर नजर रखना शुरू किया। इस कंपनी की जनवरी 2024 में 26 स्कीम और 54 लाख फोलियो का पोर्टफोलियो रहा था। बता दें, मार्केट रेगुलेटर सेबी फ्रंट रनिंग को खत्म करने को म्यूचुअल फंड पर आक्रामक तरीके से कार्रवाई कर रहा।
05 साल में बेहतर रही है परफॉर्मेंस
बीते 5 साल में फंड की परफॉर्मेंस काफी बेहतर रही है। ये स्मॉल कैप फंड 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के फंड को मैनेज करता है। अब तक फंड की परफार्मेंस शानदार रही है। फंड के मैनेजर या कंपनी की इन गड़बड़ी की वजह से निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इससे फंड की विश्वसनीयता गिरेगी। निवेशक फंड से पैसा निकाल सकते हैं।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें- https://www.raftaar.in





