नई दिल्ली, रफ्तार। म्यूचुअल फंड में सिटैमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) के माध्यम से निवेश मई 2024 में ऐतिहासिक हाई पर पहुंचा है। बीते महीने SIP के जरिए 20,904.37 करोड़ रुपए का निवेश आया है। यह निवेश अप्रैल 2024 में 20371.47 करोड़ था। लगातार दूसरे महीना है, जब SIP के जरिए 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश आया है। अब यह आंकड़ा 21 हजार करोड़ के पार पहुंचने के कगार पर है।
मई में रिकॉर्ड निवेश
म्यूचुअल फंड्स की एसोसिएशन एम्फी (AMFI) के मुताबिक पिछले महीने में SIP के जरिए 20904.37 करोड़ का निवेश आया। जबकि, एक साल पहले समान महीने में 14749 करोड़ का निवेश आया था। इस मई में म्यूचुअल फंड्स के एसआईपी अकाउंट्स की संख्या 8,75,89,485 पर पहुंच गई। मई 2024 में 49,74,400 नए एसआईपी अकाउंट्स खोले हैं
पहली बार 30 हजार करोड़ से अधिक निवेश
एम्फी के मुताबिक म्यूचुअल एसआईपी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 11,52,801 करोड़ हो गया है। अप्रैल 2024 में एयूएम 11,26,129 करोड़ था। मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 83.42 फीसदी उछाल के साथ 34697 करोड़ का निवेश आया। जबकि, अप्रैल में निवेश में 16 फीसदी की गिरावट आई थी। पहला मौका है, जब एक महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 30 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश आया है। पिछला रिकॉर्ड मार्च 2022 का है, जब 28463 करोड़ का निवेश आया था।
लॉन्ग टर्म निवेश के प्रति बढ़ा झुकाव
इक्विटी म्यूचुअल फंड और SIP में निवेश के शानदार आंकड़े पर प्रभुदास लीलाधर ग्रुप के इंवेस्टमेंट सर्विसेज के प्रमुख पंकज श्रेष्ठ बताते हैं कि मई 2024 में 34697 करोड़ का जोरदार इक्विटी इंफ्लोव आया क्चरिंग फंड के एनएफओ ने 9500 करोड़ जुटाया है। पंकज श्रेष्ठ ने बताया कि एसआईपी योगदान काहै। यह 83.42 फीसदी अधिक है। 39 महीने से लगातार इंफ्लो में पॉजिटिव ट्रेंड दिखा है। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ा योगदान सेक्टर और थीमैटिक कैटगरी से है। इनमें एचडीएफसी मैन्युफै रिकॉर्ड छूना निवेशकों में अनुशासित, लंबी अवधि के लिए निवेश के प्रति बढ़ता ट्रेंड दिखाता है।
रणनीतिक झुकाव दिखाता है
मोतीलाल ओसवाल एएमसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं चीफ बिजनेस ऑफिसर अखिल चतुर्वेदी ने कहा कि मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेशकों का रिकॉर्ड तोड़ निवेश ग्रोथ अवसरों में निवेश के प्रति रणनीतिक झुकाव दिखाता है। उन्होंने बताया कि सेक्टोरोल, थीमैटिक फंड्स के साथ स्मॉल कैप, मिडकैप सेगमेंट में भारी निवेश की वजह से यह बढ़ोतरी आई। ये निवेशकों में विशेष सेक्टर और छोटी कंपनियों के ग्रोथ के प्रति बढ़ता भरोसा दिखा रहा है।
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