back to top
31.1 C
New Delhi
Monday, March 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

क्या आगे बढ़ेगी 2000 रुपये के नोटों को जमा कराने की डेडलाइन? वित्त मंत्रालय

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि 2,000 रुपये के नोटों को बदलने की समय सीमा 30 सितंबर, 2023 से आगे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत के वित्त मंत्रालय ने हाल ही में स्पष्ट किया कि 2,000 रुपये के नोटों को बदलने की समय सीमा 30 सितंबर, 2023 से आगे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से जब पूछा गया कि क्या बैंकों में 2,000 रुपये बदलने की समयसीमा 30 सितंबर से आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है तो उन्होंने ‘ना’ में लिखित जवाब दिया।

चौधरी ने अपने जवाब में कहा कि बैंक नोट बदलने की अंतिम तिथि बढ़ाने का मामला विचाराधीन नहीं है।

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार काले धन और जाली नोटों पर अंकुश लगाने के लिए अन्य उच्च मूल्य वर्ग के नोटों के विमुद्रीकरण की योजना बना रही है, चौधरी ने भी ना में जवाब दिया।

मंत्री के जवाब में आरबीआई की प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रचलन में 2,000 रुपये के बैंक नोटों का कुल मूल्य गिर रहा है, जो 31 मार्च, 2018 को 6.73 लाख करोड़ रुपये से घटकर इस साल 31 मार्च को 3.62 लाख करोड़ रुपये हो गया।

उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने 19 मई को 2,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी।

हालांकि, लोगों को 30 सितंबर तक का समय दिया गया था कि वे या तो ऐसे नोटों को खातों में जमा करें या बैंकों में उन्हें बदलें।

रिजर्व बैंक के अनुसार चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोटों में से 76 प्रतिशत या तो बैंकों में जमा हो चुके हैं या बदले जा चुके हैं।

मूल्य के हिसाब से 30 जून तक चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट घटकर 84,000 करोड़ रुपये रह गए, जो 19 मई को नोटबंदी की घोषणा के दिन 3.56 लाख करोड़ रुपये थे।

रिजर्व बैंक ने कहा कि वापस आए नोटों में से 87 प्रतिशत लोगों के बैंक खातों में जमा कराए गए जबकि शेष 13 प्रतिशत नोटों को अन्य मूल्य वर्ग में बदला गया।

मंत्री ने आगे कहा कि आरबीआई के अनुसार, निकासी एक मुद्रा प्रबंधन ऑपरेशन था जो जनता को किसी भी असुविधा या अर्थव्यवस्था में किसी भी व्यवधान से बचने के लिए योजनाबद्ध था।

इसके अलावा, चालू वर्ष की आवश्यकता में 2000 रुपये के बैंक नोटों की वापसी को शामिल किया गया है और विनिमय/निकासी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए देश भर में अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोटों का पर्याप्त बफर स्टॉक रखा जा रहा है।

10 नवंबर, 2016 को 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट पेश किए गए थे ताकि उस समय प्रचलन में सभी 500 रुपये और 1,000 रुपये के बैंक नोटों के विमुद्रीकरण के बाद अर्थव्यवस्था की मुद्रा आवश्यकता को तेजी से पूरा किया जा सके।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

हिंसा, हिंदू और अग्निवीर से लेकर नोटबंदी तक…. जानिये सदन में राहुल गांधी ने किन-किन मुद्दों पर सरकार को घेरा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज संसद सत्र का छठवां दिन है। सदन में लोकसभा की कार्यवाही चल रही है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव...
spot_img

Latest Stories

Parth Pawar और Raj Thackrey की मुलाकात से गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति, नए समीकरणों की अटकलें तेज

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई...

Dhurandhar 2 बस 11 दिनों में बनी मिसाल, बॉक्स ऑफिस पर बना डाले कई बड़े रिकॉर्ड

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। रणवीर सिंह Ranveer Singh की...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵