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Saturday, April 4, 2026
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Bodhgaya: बिहार में इस जगह अगर कर लिया पिंडदान, तो कहीं दूसरी जगह जाने नहीं पड़ेगी जरुरत

बिहार के बोधगया में पिंडदान करने का काफी पुराना और  बड़ा महत्व है।  लोग यहां पिंडदान करने के लिए काफी दूर दूर से आते हैं।  यही नहीं लोग देश-विदेश से भी यहां पिंड दान करने आते हैं।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क: हिंदू धर्म में पौराणिक कथाओं और हिंदू मान्यता के मुताबिक पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंड दान करना काफी पवित्र माना गया है। इस वर्ष श्राद्ध यानी पिंडदान 29 सितंबर से शुरू होकर 14 अक्टूबर तक रहने वाला है।  पिंडदान के खास अवसर पर हर दिन हजारों लोग देश-विदेश से अलग-अलग हिस्सों में पितरों के लिए पिंडदान करने जाते हैं। जहां  कई लोग हरिद्वार जाते हैं तो कुछ लोग अयोध्या जाते हैं तो  वहीं वाराणसी और प्रयागराज भी पिंडदान के लिए सर्वोच्च माना गया है । लेकिन इन सब के अलावा पिंडदान में एक ऐसी जगह है।  इसके बारे में कहते हैं कि इस स्थान पर अगर कोई पिंडदान करता है तो पितरों को मोक्ष मिलता है।  अगर आप पिंडदान करना चाहते हैं तो इस जगह के बारे में जरूर जान लें। 

बोधगया में होता है पिंडदान

भारत में एक राज्य है बिहार जहां एक स्थान है बोधगया,  जहां पिंड दान करना सबसे शुभ माना जाता है। बिहार की इस पवित्र नगरी में पिंडदान करने के लिए देश के हर कोने से हर दिन हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।  बोधगया सिर्फ पिंडदान करने वाली जगह ही नहीं है बल्कि इसी बोधगया को बुद्ध नगरी के नाम से भी जाना जाता है।  बोधगया बिहार के साथ साथ पूरे देश के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल भी है। 

क्या है बोधगया की पौराणिक कथा

शायद आपको मालूम हो अगर नहीं मालूम तो हम आपको बता रहे हैं कि भिक्षुओं के लिए बोधगया वह स्थान है। जहां भगवान गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्त हुई थी । इसलिए बोधगया दुनियाभर के बौद्ध भिक्षुओं के लिए बेहद पवित्र शहर माना गया है। ऐसा  कहा जाता है कि करीब 531 ईसा पूर्व फल्गु नदी के किनारे गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्त हुई थी। उन्होंने बोधि वृक्ष के पास बैठकर कठोर तपस्या की थ।  साथ ही आपको यह भी बता दें कि बोधगया में फल्गु नदी के किनारे ही लोग पिंडदान करने के लिए पूजा पाठ करते हैं।  पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बोधगया में पिंड दान करने का उल्लेख रामायण और महाभारत में भी किया गया है।  इसलिए कई लोग पित्त पक्ष के मौके पर फल्गु नदी के किनारे पिंडदान करते हैं।

कैसे पहुंचे बोध गया

अगर आप बोधगया में पिंडदान करने जा रहे हैं और आपको यह नहीं ज्ञात की यहां कैसे पहुंचे ,तो हम आपको बता दें कि देश के किसी भी हिस्से से बोधगया पहुंचना बहुत ही आसान है। आप इसके लिए ट्रेन , हवाई मार्ग और  सड़क मार्ग आदि का सहारा ले सकते हैं।  अगर आप ट्रेन के माध्यम से बोधगया जाना चाह रहे हैं तो दिल्ली मुंबई कोलकाता चेन्नई आदि प्रमुख शहरों से ट्रेन चलती रहती हैं और यह सीधे बिहार की राजधानी पटना जंक्शन में पहुंचती है।  फिर आप यहां से बोधगया जा सकते हैं। जिसकी दूरी 114 किलोमीटर है। हवाई मार्ग के सहारे भी आप बोधगया जा सकते हैं आप पटना हवाई अड्डे में उतरकर टैक्सी,  कैब और सरकारी बस का सहारा ले सकते हैं। वहीं सड़क मार्ग के साथ आप कई जिलों से होकर गुजर सकते हैं। 

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