नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। खबरों के मुताबिक ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने के कारण गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इससे भारत समेत कई देशों में गैस की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है। इसी स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने नेचुरल गैस और एलपीजी की सप्लाई को लेकर नई प्राथमिकता सूची जारी की है, ताकि गैस की कमी होने पर जरूरी क्षेत्रों को पहले सप्लाई दी जा सके।
इन सेक्टरों को मिलेगी 100% गैस सप्लाई
सरकार ने साफ किया है कि आम लोगों की जरूरतों को देखते हुए कुछ सेक्टरों में गैस की कोई कटौती नहीं की जाएगी। इन क्षेत्रों को पूरी गैस सप्लाई मिलती रहेगी। घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) – रसोई में इस्तेमाल होने वाली पाइपलाइन गैस CNG – ऑटो, बस और अन्य वाहनों के लिए LPG प्रोडक्शन – घरेलू गैस सिलेंडर बनाने के लिए पाइपलाइन ऑपरेशन – गैस ट्रांसपोर्ट करने के लिए जरूरी ईंधन सरकार का कहना है कि ये सभी सेवाएं सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी हैं, इसलिए इन्हें सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी।
इन उद्योगों में होगी गैस कटौती
अगर गैस की कमी बढ़ती है तो सबसे पहले औद्योगिक सेक्टरों में गैस की सप्लाई कम की जाएगी। सरकार ने इनके लिए अलोकेशन तय कर दिया है। चाय उद्योग और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर – पिछले 6 महीने की औसत खपत का 80% फर्टिलाइजर (खाद) कंपनियां – 70% सप्लाई तेल रिफाइनरीज – 65% सप्लाई यानी इन सेक्टरों को पहले की तुलना में कम गैस मिलेगी। गैस संकट का असर सबसे पहले होटल उद्योग पर दिखाई देने लगा है। बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने कहा है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई अचानक बंद होने से होटल और रेस्तरां प्रभावित हो सकते हैं। एसोसिएशन का कहना है कि अगर गैस नहीं मिली तो शहर के कई होटल बंद करने पड़ सकते हैं, क्योंकि बिना गैस के खाना बनाना संभव नहीं है।
छात्रों और आम लोगों पर पड़ सकता है असर
होटल एसोसिएशन ने चिंता जताई है कि होटल बंद होने से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और अस्पतालों में काम करने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है, क्योंकि कई लोग रोजाना खाने के लिए होटलों पर निर्भर रहते हैं। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन के मानद अध्यक्ष पीसी राव ने बताया कि होटल मालिक काम बंद नहीं करना चाहते, लेकिन गैस न मिलने से मजबूर हैं। इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रियों और स्थानीय सांसदों को पत्र भेजकर तुरंत समाधान की मांग की गई है। गैस की जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के बीच का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट संकट के कारण बाजार में घबराहट में खरीदारी बढ़ सकती है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक देश में फिलहाल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई को संतुलित तरीके से मैनेज किया जा रहा है।




