back to top
29.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

‘यह रोड मुसलमान के लिए नहीं है’ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर विवादित संदेश, हिंदू रक्षा दल ने ली जिम्मेदारी

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर लिखा विवादित नारा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है जिसमें एक्सप्रेसवे की दीवारों और फ्लाईओवर पर लिखा हुआ दिख रहा है 'यह रोड मुसलमान के लिए नहीं है।'

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर एक भड़काऊ संदेश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हलचल मच गई है। वीडियो में हाईवे की दीवारों और फ्लाई ओवर पर बड़े अक्षरों में लिखा दिखाई दे रहा है ”यह रोड मुसलमान के लिए नहीं है।” इस संदेश ने स्थानीय लोगों में संवेदनशीलता बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

‘वीडियो में धार्मिक नारों की आवाज़ भी सुनाई दे रही है’


जानकारी के अनुसार, यह घटना उस हिस्से की है जो राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से होकर गुजरता है और एशिया के सबसे बड़े एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का हिस्सा है। यह मार्ग लगभग 12 किलोमीटर लंबा है और क्षेत्र के विकास व बेहतर कनेक्टिविटी का प्रतीक माना जाता है। वायरल वीडियो में कुछ लोग दीवार पर नारे लिखते नजर आ रहे हैं, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। वीडियो में साथ में धार्मिक नारों की आवाज़ भी सुनाई देती है।

आपत्तिजनक संदेश को हटाने की कार्रवाई की


घटना के वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गए। मीडिया टीम की पड़ताल में पता चला कि दीवार पर लिखे गए शब्दों को बाद में मिटा दिया गया, हालांकि उनके निशान अभी भी दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और आपत्तिजनक संदेश को हटाने की कार्रवाई की।

हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारी ली


इस पूरे मामले में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारी ली है। संगठन के कुछ सदस्यों का दावा है कि यह नारे उनकी महिला विंग द्वारा लिखे गए थे। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं।

कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए


इस घटना के बाद अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को क्षेत्र के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी का प्रतीक माना जाता है, ऐसे में इस तरह के आपत्तिजनक संदेशों ने सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सार्वजनिक संपत्ति पर धार्मिक भड़काऊ संदेश


विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति पर धार्मिक आधार पर भड़काऊ संदेश लिखना गंभीर मामला है और इससे समुदायों में तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और संदेशों को बिना पुष्टि किए साझा न करें।

मामले की जांच चल रही है


पुलिस ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो की कुछ जानकारियां भ्रामक हो सकती हैं और पूरी जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच चल रही है और संबंधित लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Advertisementspot_img

Also Read:

गडकरी ने दिल्ली MCD ग्रीन टैक्स पर उठाए सवाल, खत्म करने के दिए संकेत, पूछा- यह टोल क्यों वसूल रहे हैं?

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में प्रवेश और बाहर निकलने वाले कॉमर्शियल वाहनों...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...