नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यदि आप सुरक्षित निवेश के विकल्प की तलाश में हैं और 5 साल की अवधि के लिए एफडी (Fixed Deposit) खोलने का सोच रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पोस्ट ऑफिस में कौन सबसे ज्यादा रिटर्न दे रहा है। हाल ही में वित्तीय विशेषज्ञों ने इस पर विस्तार से जानकारी दी है, जिससे निवेशकों को सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है
भारतीय स्टेट बैंक, जो देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है, अपने ग्राहकों को 5 साल की एफडी पर सामान्य निवेशकों के लिए 6.05 प्रतिशत से 7.15 प्रतिशत तक का ब्याज प्रदान कर रहा है। इसमें सामान्य नागरिकों को 6.05 प्रतिशत, सीनियर सिटीजन को 7.05 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन को 7.15 प्रतिशत तक का ब्याज मिलता है। इस तरह से बैंक उम्र के अनुसार रिटर्न बढ़ाता है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश आकर्षक बनता है।
सभी उम्र के ग्राहकों को एक समान ब्याज
वहीं, पोस्ट ऑफिस, जिसे डाकघर के नाम से भी जाना जाता है, 5 साल की FD या टाइम डिपॉजिट (TD) पर बंपर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत दे रहा है। पोस्ट ऑफिस की खासियत यह है कि इसमें सभी उम्र के ग्राहकों को एक समान ब्याज मिलता है। इसका मतलब है कि सामान्य निवेशक, सीनियर और सुपर सीनियर सभी को पोस्ट ऑफिस में लगभग समान लाभ प्राप्त होता है। यदि तुलना करें तो सामान्य निवेशकों के लिए पोस्ट ऑफिस SBI की तुलना में 1.45 प्रतिशत ज्यादा रिटर्न देता है, जबकि सीनियर सिटीजन के लिए यह अंतर 0.45 प्रतिशत और सुपर सीनियर के लिए 0.35 प्रतिशत है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों के अनुसार, यह अंतर विशेष रूप से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई निवेशक 5 साल के लिए FD में 10 लाख रुपये निवेश करता है, तो पोस्ट ऑफिस में ब्याज दर अधिक होने की वजह से कुल रिटर्न SBI की तुलना में काफी ज्यादा होगा। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि FD में रिटर्न फिक्स्ड होने के बावजूद मौजूदा रेपो रेट, बैंक की नीतियों और आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित हो सकता है।
नया खाता खुलवाने वाले निवेशक बंपर रिटर्न
साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले साल रेपो रेट में 1.25 प्रतिशत की कटौती की थी, जिससे कई बैंक अपनी एफडी दरों में संशोधन कर चुके हैं। वहीं, पोस्ट ऑफिस की FD दरों में अभी तक कोई कटौती नहीं की गई है। हालांकि, यह भी संभव है कि भविष्य में पोस्ट ऑफिस की ब्याज दरों में बदलाव आ सकता है, लेकिन 31 मार्च 2026 तक नया खाता खुलवाने वाले निवेशक बंपर रिटर्न का लाभ ले सकेंगे।
पोस्ट ऑफिस की उच्च ब्याज दर
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक अपने निवेश के समय बैंक और पोस्ट ऑफिस दोनों की FD दरों की तुलना करें और ब्याज दर के साथ-साथ जोखिम, टैक्स और लंबी अवधि की स्थिरता को ध्यान में रखें। पोस्ट ऑफिस TD और बैंक FD दोनों सुरक्षित निवेश के विकल्प हैं, लेकिन पोस्ट ऑफिस की उच्च ब्याज दर इसे अधिक लाभकारी विकल्प बनाती है।
नियमित निवेश के जरिए अच्छा रिटर्न हासिल करें।
इस तरह, यदि आप 5 साल की FD खोलना चाहते हैं और अधिक रिटर्न की तलाश में हैं, तो पोस्ट ऑफिस आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वहीं, SBI की FD सुरक्षा, बड़े सरकारी बैंक का भरोसा और उम्र के अनुसार बढ़ता ब्याज इसे भी निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है। निवेशकों को चाहिए कि वे अपनी वित्तीय योजना के अनुसार सबसे सही विकल्प का चयन करें और लंबी अवधि के लिए नियमित निवेश के जरिए अच्छा रिटर्न हासिल करें।





