नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । असम के कछार जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। सिलचर के बाहरी इलाके में अपने दोस्त के साथ घूमने आयी एक 28 वर्षीय युवती को सात दरिंदों ने न केवल अपनी हवस का शिकार बनाया, बल्कि उसे धमकाकर जबरन 10 हजार रुपये भी ट्रांसफर कराए।
पुलिस ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि घटना 19 फरवरी की है। पीड़िता की शिकायत पर सिलचर सदर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कर मेडिकल जांच पूरी कर ली है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी पांच की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
सिलचर सदर पुलिस थाना ने इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस द्वारा दर्ज मामले में सामूहिक दुष्कर्म (धारा 70(1)) के साथ-साथ डकैती (धारा 310(2)) और जान से मारने की धमकी देकर जबरन वसूली (धारा 308(5)) जैसी गंभीर धाराओं को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने (धारा 79), वस्त्र हरण के प्रयास (धारा 76), आपराधिक धमकी (धारा 351(2)) और संगठित रूप से गैरकानूनी कृत्य (धारा 61(2)) के तहत भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया और जबरन 10 हजार रुपये भी ट्रांसफर करवाए।
शुरुआत में ढुलमुल रवैया अपनाने वाली पुलिस अब इस मामले में तेजी दिखा रही है। मंगलवार को आरोपियों के पक्ष द्वारा एक पत्रकार पर किए गए हमले ने मामले को नया मोड़ दे दिया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने अपनी चुप्पी तोड़ी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
परिजनों के अनुसार, पीड़िता सिलचर कस्बे से कुछ किलोमीटर दूर बाईपास रोड पर अपने एक पुरुष मित्र के साथ कार में मौजूद थी। इसी दौरान एक एसयूवी में सवार कुछ लोग वहां पहुंचे और कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने पहले दोनों से उनके निवास स्थान के बारे में पूछताछ की और फिर अचानक उन्हें पकड़ लिया। परिजनों के मुताबिक, वहां करीब सात लोग थे और उन्होंने युवक के सामने बारी-बारी से युवती के साथ दुष्कर्म किया।
पत्रकार से मारपीट
एक पत्रकार ने आरोप लगाया है कि खबर प्रकाशित करने के बाद आरोपी पक्ष के परिजनों ने उस पर हमला कर दिया। पत्रकार के अनुसार, नेशनल हाईवे रोड स्थित पुलिस थाना के पास उसे कुछ लोगों ने रोक लिया। उन्होंने बताया कि उन लोगों ने पहले यह पूछताछ की कि घटना की खबर क्यों प्रसारित की गई। इसके बाद कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बच गई।
राज्यसभा सदस्य ने की सख्त कार्रवाई की मांग
राज्यसभा सदस्य सुष्मिता देव ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कछार जिले के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। तृणमूल कांग्रेस की सांसद ने कहा कि मामले को दबाने की कोई कोशिश नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





