नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बलूचिस्तान में हाईजैक हुई Jaffer Express से बंधकों को छुड़ाने के लिए Pakistan Army ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया था, जिसमें सेना ने बंधकों की रिहाई को लेकर दावा किया था कि उनके सभी बंधक छुड़ा लिए गए है। आर्मी ने 21 बंधकों के मारे जाने की बात कही है, वहीं एक चश्मदीद का दावा है कि 50-60 लोगों को BLA ने उनके सामने ही मार गिराया था।
चश्मदीद फौजी ने खोली पोल
पाकिस्तानी सेना ने दावा करते हुए बताया था कि, हाईजैक हुई जाफर एक्सप्रेस ट्रेन से सभी बंधकों को छुड़ा लिया गया है, लेकिन वहीं इसके उलट बलूच लिबरेशन आर्मी ने सीधेतौर पर कहा है कि अब भी 150 से ज्यादा लोग उनके चंगुल में बंद पड़े है। और इस बीच एक पंजाबी फौजी ने भी अपनी आखों देखीं घटना को बताते हुए कहा, मैंने अपने आखों के सामने बीएलए के लड़ाकों को पाकिस्तानी सेना का कत्लेआम करते देखा है, जिसमें लगभग 50 से 60 सैनिक होंगे। जिन्हें बीएलए के विद्रोहियों ने मार गिराया। इस चश्मदीद फौजी के बयान के बाद पाकिस्तान आर्मी के झूठ के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।
अभी भी 150 से ज्यादा बंधक बंद
बोलन news के मुताबिक, पाकिस्तान सेना के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान, बोलान की पहाड़ियों से बड़ी तादाद में बंधकों के क्षत-विक्षत शव मिले हैं, जो अधिकतर सैनिक है। जिसमें मृतकों की कुल संख्या का पता लगाना अभी भी बाकी है। वहीं बोलान के एक न्यूज रिपोर्टनुसार, स्थानीय लोगों द्वारा दावा किया है कि, BLA विद्रोहियों ने अभी भी 150 से ज्यादा पाकिस्तानी आर्मी को बंधक बनाया हुआ है।
झूठ निकला पाकिस्तान का दावा
गौरतलब है कि, पाकिस्तान सेना ने दावा किया था कि, उनके द्वारा चलाएं ऑपरेशन में बलूच लिबरेशन आर्मी के सभी लड़ाको को मार दिया गया है। जबकि, (BLA) ने सीधेतौर पर कह दिया है कि, उनके पास अभी भी 150 से ज्यादा बंधक हैं। इस हाइजैक किए ट्रेन में कुल 440 यात्री सवार थे, जिनमें से 21 को ट्रेन पर कब्जे के दौरान ही (BLA) लड़ाकों ने मार गिराया था। जिनमें से सेना के चार जवान भी शामिल थे। इसके बाद, बीएलए ने 150 से ज्यादा बंधकों को रिहा कर दिया था।
इस ऑपरेशन में 21 बंधकों की मौत हुई है
इन सब बयान के बीच, पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने भी बंधकों के छुड़ाने पर दावा करते हुए कहा, इस ऑपरेशन में 21 बंधकों की मौत हुई है, और सभी 33 विद्रोहियों को मार गिराया है।
BLA ने कैसे दिया हमले को अंजाम?
बोलान के माशफाक टनल में हमले के दौरान, ये ट्रेन सुबह 9 बजे पेशावर के लिए रवाना हुई थी, जिसे दोपहर को पहुंचना था चूंकि, पहाड़ी इलाका होने के नाते व 17 सुरंगों के चलते ट्रेन की रफ्तार धीमी करनी पड़ी, जिसका फायदा उठा लड़ाको ने टनल को ही उड़ा दिया और ट्रेन बेपटरी हो गई जिसके बाद लड़ाको द्वारा ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया। BLA के लड़ाके पहले से ही घात लगाकर बैठे थे, जिसमें उन्होनें क्वेटा से 157 किलोमीटर की दूरी पर टनल को उड़ाया ।
पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रदेश
बता दें कि, बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रदेश है। जिसने साल 1948 से ही पाकिस्तानी आर्मी और हुकूमत के द्वारा की जा हिंसा को देखता आ रहा है। और इस कारण से ही बलूचिस्तान के लोग कई समय से पाकिस्तान से अलग होने की मांग करते आ रहे है। इस इलाके में कुछ समय से चीन द्वारा भी दखल दिया जा रहा है। जिसके वजह से उन पर लगातार हमले भी हो रहे हैं।





