नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में विद्रोहियों द्वारा जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैक करने की घटना पर पाकिस्तानी सेना ने आधिकारिक बयान जारी किया है। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ के मुताबिक, इस ऑपरेशन में सभी बंधकों को छुड़ा लिया गया है। हालांकि, इस दौरान 21 यात्रियों और अर्धसैनिक बल के चार जवानों की जान चली गई। सेना ने जवाबी कार्रवाई में सभी 33 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है।
कैसे हुआ ट्रेन हाईजैक?
पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, 11 मार्च को दोपहर करीब 1 बजे विद्रोहियों ने ओसीपुर के बोलन दर्रे इलाके में रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया, जिससे जाफर एक्सप्रेस बेपटरी हो गई। इसके बाद विद्रोहियों ने ट्रेन पर कब्जा कर लिया और यात्रियों को बंधक बना लिया। इस घटना के बाद सेना, वायुसेना, फ्रंटियर कोर और स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के कमांडो ने मिलकर एक बचाव अभियान शुरू किया। सेना के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान विद्रोही अफगानिस्तान में मौजूद अपने आकाओं से सैटेलाइट फोन के जरिए संपर्क में थे, जिससे उनके विदेशी गठजोड़ का पता चला। सेना ने इस ऑपरेशन को बुधवार शाम तक सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।
विद्रोहियों का दावा और धमकी
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने छह सुरक्षाकर्मियों की हत्या की है और चेतावनी दी थी कि अगर पाकिस्तानी सेना कोई अभियान चलाएगी तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा। लूचिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से उग्रवादी हमलों में तेजी आई है। नवंबर 2024 में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर हुए आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी और 62 अन्य घायल हुए थे। इस घटना के बाद पाकिस्तान रेलवे ने कई ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। सेना के अनुसार, हाईजैक के दौरान विद्रोही लगातार अफगानिस्तान में अपने संपर्कों से बात कर रहे थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस हमले में बाहरी ताकतों का भी हाथ हो सकता है। यह घटना पाकिस्तान में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को दर्शाती है और यह संकेत देती है कि देश में आतंकवाद और विद्रोह को खत्म करने के लिए सेना को लगातार बड़े ऑपरेशन चलाने पड़ रहे हैं।





