नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कई अमेरिकी यूनिवर्सिटीज़ ने डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण से पहले अपने इंटरनैशनल स्टूडेंट्स को US आने के लिए कहा है। इन विश्वविद्यालयों ने अपने छात्रों को 20 जनवरी से पहले वापस आने को कहा है। दरअसल, इन विश्वविद्यालयों को चिंता है कि राष्ट्रपति बन जाने के बाद कहीं डोनाल्ड ट्रंप ट्रैवल बैन न लगा दें, ऐसा होने पर इंटरनैशनल स्टूडेंट्स को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विश्वविद्यालयों की तरफ से छात्रों से कहा गया है कि वो बतौर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले US पहुंच जाएं। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट हैं और वो 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे हैं। खबरों की मानें तो वो इकॉनमी और इमीग्रेशन से जुड़ी पॉलिसीज़ पर काम कर रहे हैं और राष्ट्रपति बनते ही वो नई पॉलिसीज़ लागू कर देंगे।
Travel Ban Policy की वजह से US में तनाव
विश्वविद्यालयों ने अपनी अपील में कहा है कि राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद 2017 में ट्रम्प द्वारा जारी किए गए यात्रा प्रतिबंध आदेश ने देश में तनाव पैदा कर दिया था। फिर ऐसी संभावना है कि डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लागू किये जायेंगे। अब माना जा रहा है कि यह कॉल खासतौर पर भारतीय छात्रों के लिए है, क्यों कि उनकी संख्या अन्य देशों के छात्रों की तुलना में अमेरिका में सबसे अधिक है।
50 प्रतिशत से अधिक भारत और चीन से
अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल-कल्चरल एंड इंटरनेशनल एजुकेशन के आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका में कुल विदेशी छात्रों में से 50 प्रतिशत से अधिक भारत और चीन से हैं। अमेरिका के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारत और चीन के छात्रों की संख्या 54 प्रतिशत से अधिक है। 2009 के बाद से अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इस मामले में ट्रंप की 2017 में क्या नीति रही
शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में भारतीय छात्रों की संख्या में 23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया। ‘ओपन डोर्स 2024 रिपोर्ट ऑन इंटरनेशनल एजुकेशनल एक्सचेंज’ के आंकड़ों के मुताबिक, शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में भारत से अमेरिका जाने वाले छात्रों की संख्या 3,31,602 थी। दूसरे स्थान पर चीन है। विश्वविद्यालयों को याद है इस मामले में ट्रंप की 2017 में क्या नीति रही है।
अमेरिका में प्रवेश पर 90 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा
जब वे राष्ट्रपति बने थे तो सबसे पहले के हफ्ते में उन्होंने इराक, सीरिया, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर 90 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। संयुक्त राज्य अमेरिका में नागरिक अधिकार संगठनों ने इस निर्णय पर आक्रोश व्यक्त किया था। उसके बाद उन्होंने अमेरिका में विदेशियों के रहने, यूएस नागरिकता को लेकर भी कई नियम लागू कर दिए थे, जिसके चलते कई देशों के लोगों को जिसमें कि भारत भी शामिल रहा, वापिस स्वदेश आना पड़ गया था, ऐसे में लगता है इस बार यूएस की यूनिवर्सिटी कोई रिस्क लेना नहीं चाहती हैं।




