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Friday, March 6, 2026
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India-Brunei Relations: PM मोदी ब्रुनेई के लिए हुए रवाना, ब्रुनेई जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने

प्रधानमंत्री की ब्रुनेई यात्रा भारत और ब्रुनेई के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर होगी। यह दोनो देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 और 4 सितबंर को बॉयलेटरल यात्रा पर ब्रुनेई की यात्रा करेंगे। इसके बाद वो ब्रुनई जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे। प्रधानमंत्री के इस कदम को दोनो देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। 

PM Modi 3-4 सितंबर को ब्रुनेई की यात्रा पर जाएंगे

जुलाई में विदेश मंत्री S. Jaishankar ने ASEAN Summit के दौरान लाओस में अपने ब्रुनेई समकक्ष से मुलाकात की थी। राजनयिक संबंधो के 40 साल पूरे होने पर जश्न मनाने के लिए दोनो ने मिलकर एक Logo भी लॉन्च किया है।  

विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री की यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महामहिम सुल्तान हसनअल बोल्किया के निमंत्रण पर 3-4 सितंबर को ब्रुनेई की यात्रा पर जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ब्रुनेई की पहली बॉयलेटरल यात्रा होगी।

रक्षा के संबंधित विदेश मंत्री ने कहा कि हम रक्षा पर एक संयुक्त कार्य समीति गठित करने के लिए ब्रुनेई के साथ अभी चर्चा कर रहे हैं। 

प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत और ब्रुनेई के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर होगी।  

दस साल बाद हो रही है प्रधानमंत्री मोदी की हसनल बोल्कियाह के सुल्तान के साथ मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी को पहले Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation (BIMSTEC) के छठे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बैंकॉक जाना है। जो 3 और 4 सितंबर को होने वाला था। 

प्रधानमंत्री मोदी की ब्रुनेई यात्रा नवंबर 2014 में म्यांमार में 25वें ASEAN Summit के दौरान हसनल बोल्कियाह के सुल्तान साथ उनकी पहली मुलाकात के लगभग दस साल बाद हो रही है। वे फिलीपींस में आयोजित 2017 पूर्वी एशिया शिखर के दौरान मिले थे। 

‘Act East Policy’ का समर्थन करता है ब्रुनेई

भारत और ब्रुनेई कच्चे तेल और हाइड्रोकार्वन के संदर्भ में ऊर्जा सुरक्षा में संबंधों को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। वर्तमान में भारत ब्रुनेई से 270 मिलियन डॉलर का कच्चा तेल आयात करता है। ब्रुनेई ने 2012 से 2015 तक भारत के लि देश समन्वयक होने के नाते भारत को ASEAN के करीब लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत की ‘Act East Policy’ का समर्थन ब्रुनेई करता है। 

भारतीय नौसेना सेना और तट रक्षक जहाज (Indian Naval and Coast guard ships) नियमित रूप से ब्रुनेई का दौरा करते रहे है। दो इंडियन कंपनी- Bharat electronics Ltd and MKU Limited ने पहली बार जून 2024 में ब्रुनेई सशस्त्र बलों द्वारा आयोजित रक्षा उद्योग प्रद्शनी में भाग लिया और सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया और क्राउन प्रिंस अल-मुहतादी की भागीदारी की सराहना की। 

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