नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड में कानूनी मुश्किलों का दौर थमता नजर नहीं आ रहा। अभिनेता राजपाल यादव के बाद अब एक्ट्रेस Ameesha Patel चर्चा में हैं। मुरादाबाद कोर्ट ने साल 2017 के चेक बाउंस मामले में सुनवाई के दौरान पेश न होने पर उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया है। 16 फरवरी को तय सुनवाई पर अनुपस्थित रहने के बाद कोर्ट ने यह सख्त कदम उठाया। मामले ने तूल पकड़ा तो अमीषा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी सफाई भी पेश की।
इंस्टाग्राम पर दी सफाई
अमीषा पटेल ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए कहा कि यह “पुराना और पहले ही सुलझाया जा चुका मामला” है। उन्होंने दावा किया कि शिकायतकर्ता पवन वर्मा ने सेटलमेंट डीड पर हस्ताक्षर किए थे और पूरी तय राशि ले ली थी। अमीषा ने आरोप लगाया कि मामला खत्म होने के बाद अब दोबारा झूठे आरोप लगाकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके वकील संबंधित व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने लिखा कि वह इस तरह की बातों से ध्यान भटकाने की कोशिशों को नजरअंदाज कर अपने काम पर फोकस कर रही हैं।
क्या है 2017 का चेक बाउंस केस?
यह विवाद इवेंट ऑर्गनाइजर पवन वर्मा की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि 16 नवंबर 2017 को एक शादी समारोह में परफॉर्म करने के लिए अमीषा पटेल को 14.50 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं। शिकायतकर्ता का दावा है कि रकम वापस नहीं की गई। वहीं अमीषा का कहना है कि मामला आपसी सहमति से निपट चुका है और भुगतान भी किया जा चुका है।
पहले भी आ चुकी हैं कानूनी विवाद में
यह पहली बार नहीं है जब अमीषा कानूनी पचड़े में फंसी हों। साल 2023 में उन्होंने रांची सिविल कोर्ट में साल 2018 के एक अन्य चेक बाउंस मामले में सरेंडर किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रांची के एक बिजनेसमैन ने फिल्म प्रोजेक्ट में निवेश किया था, लेकिन फिल्म रिलीज नहीं हुई। कथित तौर पर 2.50 करोड़ रुपये का चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा था।
आगे क्या?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि अमीषा पटेल कब कोर्ट में पेश होंगी और कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी। फिलहाल, एक्ट्रेस ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही है।





