नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान आज देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान की यह ताजपोशी कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। खास बात यह है कि इस बार शपथ ग्रहण समारोह पारंपरिक राष्ट्रपति भवन बांगभवन में न होकर ढाका स्थित जाटिया सांग्सद भवन के साउथ प्लाज़ा में आयोजित किया जा रहा है, जो बांग्लादेश की संसदीय परंपरा से अलग एक प्रतीकात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन नए प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को शपथ दिलाएंगे।
नई सरकार की विदेश नीति पर विशेष नजरें टिकी हैं
हाल ही में सम्पन्न हुए 13वें आम चुनाव में बीएनपी ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए 297 में से 209 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। यह चुनाव राजनीतिक उथल-पुथल और अस्थिरता के दौर में हुआ, जब छात्र आंदोलनों और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लंबी सरकार सत्ता से बाहर हुई। अंतरिम व्यवस्था के तहत देश का नेतृत्व कर रहे मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल में ढाका और नई दिल्ली के संबंधों में खटास की चर्चा भी होती रही, ऐसे में नई सरकार की विदेश नीति पर विशेष नजरें टिकी हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में क्षेत्रीय कूटनीति की झलक
शपथ ग्रहण समारोह में क्षेत्रीय कूटनीति की झलक भी देखने को मिलेगी। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला प्रतिनिधित्व करेंगे, उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रह सकते हैं। इसके अलावा मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू सहित कई देशों के प्रतिनिधि इस समारोह में शामिल होंगे। चुनावी जीत के बाद तारिक रहमान ने राजनीतिक परिपक्वता दिखाते हुए विपक्षी नेताओं से मुलाकात की और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
1991 के बाद पहली बार कोई पुरुष नेता प्रधानमंत्री
1991 के बाद पहली बार कोई पुरुष नेता बांग्लादेश की कमान संभालने जा रहा है, जिससे देश की सियासत एक नए दौर में प्रवेश करती दिखाई दे रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि नई सरकार आर्थिक स्थिरता, अल्पसंख्यक सुरक्षा और भारत सहित पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।





